सरकार किसानों की नष्ट फसलों का मुल्यांकन करवाकर तुरंत दे मुआवजा : रणदीप सुर्जेवाला

Edited By Krishan Rana, Updated: 06 Apr, 2026 08:54 PM

the government should immediately assess the damaged crops of farmers and provid

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव एवं कर्नाटक के प्रभारी रणदीप सिंह सुर्जेवाला ने बेमौसमी बरसात एवं ओलावृष्टि से

चंडीगढ़ (संजय अरोड़ा): अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव एवं कर्नाटक के प्रभारी रणदीप सिंह सुर्जेवाला ने बेमौसमी बरसात एवं ओलावृष्टि से नष्ट हुई किसानों की फसलों पर चिंता जाहिर करते हुए सरकार से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है। इस संदर्भ में सुर्जेवाला ने फेसबुक पर लिखा कि ‘बेमौसम बारिश से गेहूं भीगा और किसान के सपने सूखे।

 हरियाणा में हुई बेमौसम बरसात व ओलावृष्टि के कारण कई क्षेत्रों में फसलों के भारी नुकसान की खबर चिंताजनक है। मुसीबत की बेमौसम बरसात, आंधी और ओलावृष्टि से हुए नुक्सान के लिए राज्य सरकार किसानों की मदद के लिए जल्द से जल्द सामने आए और सही मूल्यांकन कर उचित मुआवजा व आर्थिक मदद मुहैया करवाए।’ इसके साथ ही कांग्रेस महासचिव ने भाजपा सरकार की ओर से मंडियों में किसानों की गेहूं खरीद पर लगाई गई शर्तों को भी अनुचित बताया है और कहा है कि हरियाणा सरकार का यह नया फरमान किसानों के लिए संकट बन गया है।

मुख्यमंत्री की जिद्द अब किसानों की फसल बिकवाली से ज्यादा बड़ी हो गई है और इसीलिए फसल खरीद में अड़चन डालने के तुगलकी फरमान जारी किए जा रहे हैं।  यही तो पिछले दरवाजे से एम.एस.पी. खत्म करने का असली षड्यंत्र है। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि हरियाणा में भाजपा सरकार किसानों की फसल खरीद पर तरह-तरह की शर्तें लगा रही है। नमी का बहाना तो है ही और अब बायोमैट्रिक जैसी शर्त थोपी जा रही है। एम.एस.पी. पर सरकारी खरीदी का भाजपाई धोखा लगातार, हरियाणा के किसानों से हकमारी की गारंटी साबित हो रहा है। खेती-किसानी को चौतरफा चौपट करती भाजपा की सरकार में नमी का बहाना गेहूं खरीदी में प्राइवेट लूट का हथियार बना ही हुआ है। 

2.18 लाख मीट्रिक टन में से केवल 41 हजार मीट्रिक टन गेहूं की हुई खरीद

कांग्रेस नेता ने रणदीप सुर्जेवाला ने कहा कि कहा कि अब प्रदेश भर की मंडियों में गेहूं की ऊपज लेकर पहुंचे किसानों के लिए बायोमेट्रिक मिलान की व्यवस्था भी किसानोंं की एम.एस.पी. मारकर फसल लूटने का भाजपाई औजार बन गया है। प्रदेश भर की मंडियों में 2,18,827.95 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई है, जिसमें से केवल 41,027.64 मीट्रिक टन (19 फीसदी से भी कम) की ही खरीदी हुई है। मंडियों में पड़ी 56,971.9 मीट्रिक टन यानी 24 प्रतिशत गेहूं को तो भाजपाई सिस्टम ने अभी बायोमेट्रिक मिलान की ही बाधा पार नहीं करने दिया है। मंडियों में नमी और बरसात के कारण फसल भीगने से अभी 1,77,810.31 मीट्रिक टन गेहूं यूं ही पड़ी है।

प्रदेश के चरखी दादरी, फतेहाबाद, हिसार, जींद, रोहतक, सिरसा सहित कई जिलों में तो गेहूं की खरीदी अभी शुरू भी नहीं हुई है। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की मार से रबी की फसलों को भारी नुक्सान हुआ और किसानों पर कर्ज का फंदा कसता जा रहा है, अब भाजपाई सिस्टम मंडी में पहुंची फसलों को भी लूटने का पूरा इंतजाम किए बैठा है।  भाजपा की खेती-किसानी विरोधी साजिशों से ही किसानों की खरीफ फसल एम.एस.पी. से 26 प्रतिशत मंदे में पिट गई और अब रबी फसलों की खरीदी में भी भाजपा की वही धोखाधड़ी जारी है। सुर्जेवाला ने कहा कि भाजपा की किसान विरोधी सरकार के रहते हरियाणा प्रदेश और देश के किसानों के लिए धोखे के लिफाफे वाला कागजी एम.एस.पी. बस छलावा था, छलावा है और छलावा ही रहेगा।

अवैध खनन के धंधे से छीना जा रहा है किसानों का खेत-खलिहान

कांग्रेस महासचिव रणदीप सुर्जेवाला ने कहा कि हरियाणा में भाजपाई सैटिंग से अंधाधुध चल रहा अवैध खनन का धंधा अब किसानों से उनका खेत खलिहान भी छीनता जा रहा है। भाजपाई संरक्षण की सुविधा से खनन माफियाओं की मनमर्जी इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि पहाड़ के पहाड़ खाने और यमुना जी को खोखला करने के बाद वे अब किसानों से खेती की जमीन भी हथियाने पर उतर आए हैं। यमुनानगर के  छछरौली क्षेत्र के ताजेवाला गांव में अवैध खनन का आतंक जारी है। इस इलाके में खनन माफियाओं द्वारा खेतों के आसपास 100-100 फुट से भी गहरी खदानें खोद दी गई हैं, जिससे बरसात में उपजाऊ मिट्टी इन खाइयों में बह जाती है और जमीन खेती के लायक नहीं बचती है। मजबूरन किसानों को अपनी खेती की जमीन औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ रही है और कृषि योग्य भूमि ही समाप्त होती जा रही है।

जहां एक ओर खनन माफिया प्रति एकड़ करोड़ों रुपए की खनिज संपदा निकालकर मोटा मुनाफा काट रहे हैं, वहीं किसानों की जमीनें सस्ते मनमाने दामों पर लूटी जा रही हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह सब खुलेआम धड़ल्ले से हो रहा है, क्योंकि भाजपा का सिस्टम अवैध खनन के बुलडोजर को इंजन और ईंधन देने का काम कर रहा है। छछरौली इलाके में अधिकारियों की मिलीभगत से यमुना में भी अवैध खनन तेज है, यहां रोज दर्जनों ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रालियां साइट से सडक़ों तक सरपट दौड़ रही हैं। खुलेआम चल रहे इस अवैध कारोबार के बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग इस पर रोक लगाने की बजाय सहयोग करता दिख रहा है।  अवैध खनन से प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों की जिंदगी दूभर हो गई है और लोगों के घर-मकान, खेत खलिहान और यहां तक की जान भी आफत में है। पूरे प्रदेश में अवैध खनन के हाहाकार से प्रकृति को तो लहूलुहान किया ही जा रहा है, लोगों को बाढ़ के खतरे में धकेलने और जमीनों को बंजर बनाने का पाप भी चरम पर है। 

केंद्र सरकार का कन्नड़ विरोधी चेहरा हुआ उजागर

कर्नाटक कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सिंह सुर्जेवाला ने कर्नाटक राज्य के संदर्भ में केंद्र सरकार की ओर से लिए गए फैसले को लेकर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मोदी सरकार और भाजपा का कन्नड़ विरोधी प्रतिशोध अब खुलकर उजागर हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा कर्नाटक को उसके हक के 2,00,000 करोड़ देने से इंकार करना इसी बात का ताजा उदाहरण है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी सरकार ने मुख्य रूप से कृषि, सिंचाई, रक्षा  व बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को रोककर कर्नाटक के खिलाफ एक तरह से नापाक साजिश रची है। भाजपा कर्नाटक के लिए हानिकारक है। बजटीय बकाया देने से मना करती है, विकास को रोकती है और कांग्रेस की 5 गारंटियों का विरोध करती है। भाजपा ने कर्नाटक के साथ विश्वासघात किया है, इसलिए वह प्रदेश की जनता के वोट की हकदार नहीं है।

(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)          

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!