भाजपा सरकार में फसल सस्ती और सिलेंडर महंगा, यह सरासर किसानों से धोखा है : दुष्यंत चौटाला

Edited By Krishan Rana, Updated: 01 Apr, 2026 07:13 PM

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पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने फसल की खरीद के लिए केंद्र सरकार द्वारा घोषित किए गए समर्थन मूल्य

चंडीगढ़ : पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने आगामी सूरजमुखी की फसल की खरीद के लिए केंद्र सरकार द्वारा घोषित किए गए समर्थन मूल्य में हरियाणा के किसानों के लिए भारी कटौती किए जाने के हैफेड के फैसले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में खरीद एजेंसियां किसानों की कमर तोड़ने पर उतारू हैं और हरियाणा सरकार मूकदर्शक बनकर उनका समर्थन कर रही है। उन्होंने कहा कि महंगाई और बेमौसमी बरसात को देखते हुए राज्य सरकार को फसलों पर बोनस देना चाहिए ना कि समर्थन मूल्य में कटौती कर किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कना चाहिए। 
 
पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जून 2025 में केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने वर्ष 2025-26 की फसलों के लिए नए समर्थन मूल्य की घोषणा का पत्र जारी किया था जिसमें सूरजमुखी के लिए 7721 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य घोषित किया गया था। पिछले वर्ष के समर्थन मूल्य में 441 रुपये की बढ़ोतरी कर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार ने तब दावा किया कि सूरजमुखी किसानों के लिए अब लागत से 50 प्रतिशत ज्यादा का समर्थन मूल्य लागू कर दिया गया है।

 लेकिन भाजपा सरकारों के ये दावे और किसानों के सपने सूरजमुखी की फसल पकने से पहले ही मिट्टी में मिल गए हैं क्योंकि अब हरियाणा की खरीद एजेंसी हैफेड ने सूरजमुखी की फसल को 6540 रूपये पर खरीदा जाएगा। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि यह सरासर किसानों से धोखा और वादाखिलाफी है। उन्होंने कहा कि हैफेड हरियाणा के किसानों को पिछले वर्ष के न्यूनतम समर्थन मूल्य से भी 740 रूपये प्रति क्विंटल कम है और इस रेट को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला ने हैरानी जताई कि बीते वर्षों में सूरजमुखी किसानों द्वारा बार-बार आंदोलन किए जाने के बावजूद हरियाणा की खरीद एजेंसी इस तरह मनमाना और बेतुका दाम घोषित कर किसानों को क्यों उकसा रही है। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर शरारत है जिसके माध्यम से किसानों के मान-सम्मान को ढेस पहुंचाकर उन्हें टकराव वाले आंदोलनों में उलझाने का प्रयास हो रहा है। 

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जिस तरह महंगाई बढ़ रही है और बेमौसमी बरसात किसानों पर कहर ढा रही है, उसे देखते हुए तो राज्य सरकार को फसलों की खरीद पर बोनस देना चाहिए। लेकिन हरियाणा सरकार केंद्र द्वारा घोषित समर्थन मूल्य में भी कटौती कर किसानों के जख्मों पर नमक छिड़क रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा किसानविरोधी फैसला लिए जाने की वजह सरकार को स्पष्ट करनी चाहिए और इसे तुरंत वापिस लेना चाहिए।

इसके साथ ही पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने फसलों की बढ़ती लागत और रसोई गैस की कीमतों में की गई बढ़ोतरी पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार ने ना सिर्फ रसोई गैस के दाम बढ़ाए हैं बल्कि भेदभाव करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर भरवाने की समय सीमा को बढ़ाकर 45 दिन कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार अपना घाटा आम लोगों पर डाल रही है जबकि आम किसान की फसल की कीमत देने में आनाकानी कर रही है।

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