कुदरत की मार: अंबाला में आंधी-बारिश ने बिछाई गेहूं की फसल, दाने-दाने को मोहताज हुआ किसान!

Edited By Isha, Updated: 04 Apr, 2026 02:10 PM

nature s fury storm and rain flatten wheat crops in ambala

अंबाला में देर शाम आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने अन्नदाता की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी गेहूं की सुनहरी फसल तेज हवाओं के चलते जमीन पर बिछ गई है।

अंबाला (अमन): अंबाला में देर शाम आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने अन्नदाता की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी गेहूं की सुनहरी फसल तेज हवाओं के चलते जमीन पर बिछ गई है। कुदरत के इस कहर ने किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। फसल खराब होने से जहां एक ओर पैदावार घटने का डर है, वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग की आगामी ओलावृष्टि की चेतावनी ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी कर दी हैं।

 
नाराज किसानों का कहना है कि आज के वैज्ञानिक युग में जब सरकार को पता है कि गेहूं की फसल 90 दिनों में तैयार हो जाती है, तो खरीद के पुख्ता इंतजाम समय से पहले क्यों नहीं किए गए? किसानों ने सरकार की तकनीक पर तंज कसते हुए कहा कि, "जब फसल के अवशेष (पराली) जलाने पर सैटेलाइट से तस्वीर लेकर चालान घर भेज दिए जाते हैं, तो क्या उसी सैटेलाइट को बर्बाद हुई फसलें दिखाई नहीं देतीं?"

 
खेतों के साथ-साथ मंडियों का हाल भी बेहाल है। जो किसान अपनी फसल लेकर मंडी पहुंच चुके थे, वहां भी बारिश के कारण गेहूं की बोरियां और ढेर भीग गए हैं। अब किसानों को फसल बेचने से पहले उसे दोबारा सुखाने की मशक्कत करनी पड़ेगी, जिससे उनकी लागत और मेहनत दोनों बढ़ गई है।

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