हरियाणा में विशेष बिजली मामला निपटान अभियान सफल, 4.67 करोड़ रुपये के मामलों का हुआ समाधान

Edited By Harman, Updated: 06 Aug, 2026 10:47 AM

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हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरो द्वारा बिजली चोरी और लंबित बिजली मामलों के त्वरित निपटारे के लिए चलाया गया विशेष अभियान सफल रहा। 17 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक चले इस अभियान के दौरान 219 मामलों का निपटारा करते हुए 4.67 करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व का...

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरो द्वारा बिजली चोरी और लंबित बिजली मामलों के त्वरित निपटारे के लिए चलाया गया विशेष अभियान सफल रहा। 17 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक चले इस अभियान के दौरान 219 मामलों का निपटारा करते हुए 4.67 करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व का समाधान किया गया। अभियान की समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) रवि किरण माटा ने स्पष्ट कहा कि अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।

17 जुलाई को डीजीपी के निर्देश पर शुरू हुआ था अभियान

एडीजीपी रवि किरण माटा ने हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरो के सभी थाना प्रभारियों की समीक्षा बैठक की। बैठक में पुलिस अधीक्षक ताहिर हुसैन सहित सभी उप पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि पुलिस महानिदेशक नवदीप सिंह विर्क के निर्देश पर 17 जुलाई 2026 को विशेष बिजली मामला निपटान अभियान शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य लंबित बिजली विवादों का शीघ्र समाधान और बकाया राजस्व की वसूली सुनिश्चित करना था।

अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीमों को मिली सराहना

समीक्षा बैठक में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों और पुलिस टीमों की सराहना की गई। वहीं अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों को निर्देश दिए गए कि वे प्राथमिकता के आधार पर लंबित मामलों का निस्तारण कर अभियान की सफलता सुनिश्चित करें।

219 मामलों का निपटारा, 4.67 करोड़ रुपये का समाधान

एडीजीपी ने बताया कि अभियान के दौरान एक लाख रुपये से लेकर पांच लाख रुपये से अधिक राशि वाले जटिल मामलों को प्राथमिकता दी गई। दो सप्ताह चले इस अभियान में कुल 219 मामलों का निपटारा हुआ और 4 करोड़ 67 लाख 67 हजार 229 रुपये के राजस्व का समाधान किया गया। इससे बिजली विभाग के लंबित मामलों का बोझ कम होने के साथ-साथ विभागीय राजस्व में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ।

गुरुग्राम डिवीजन ने किया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

राज्य के सभी डिवीजनों में गुरुग्राम डिवीजन वित्तीय उपलब्धि के मामले में सबसे आगे रहा। यहां 1,386 लंबित मामलों में से 53 मामलों का निपटारा कर 1 करोड़ 26 लाख 97 हजार 935 रुपये की राशि का समाधान किया गया। गुरुग्राम जिले ने अकेले एक से दो लाख रुपये की श्रेणी के 35 मामलों का निपटारा कर 46.50 लाख रुपये से अधिक की राशि की रिकवरी सुनिश्चित की। महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जिलों का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान रहा।

फरीदाबाद जिला व्यक्तिगत प्रदर्शन में अव्वल

व्यक्तिगत जिलों की बात करें तो फरीदाबाद सबसे आगे रहा। जिले में 1,604 लंबित मामलों में से 29 मामलों का निपटारा कर 72 लाख 78 हजार 767 रुपये की राशि का समाधान किया गया। विशेष रूप से पांच लाख रुपये से अधिक राशि वाले चार मामलों से ही 27 लाख 52 हजार 462 रुपये की रिकवरी दर्ज की गई।

अन्य डिवीजनों का भी सराहनीय प्रदर्शन

अंबाला डिवीजन ने 11 मामलों का निपटारा कर 20.02 लाख रुपये, हिसार डिवीजन ने 19 मामलों से 18.64 लाख रुपये तथा करनाल डिवीजन ने 10 मामलों के माध्यम से 16.30 लाख रुपये से अधिक की राशि का समाधान किया। वहीं रोहतक डिवीजन में सोनीपत और चरखी दादरी जिलों ने भी लंबित मामलों के निस्तारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

छोटी राशि वाले मामलों पर रहा विशेष फोकस

अभियान के दौरान सबसे अधिक ध्यान एक से दो लाख रुपये की श्रेणी के मामलों पर केंद्रित किया गया। इस वर्ग के 135 मामलों का निपटारा कर 1 करोड़ 71 लाख 79 हजार 670 रुपये की राशि का समाधान किया गया। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार के विशेष अभियान बिजली विभाग के लंबित मुकदमों को कम करने और राजस्व वसूली में तेजी लाने के लिए अत्यंत प्रभावी साबित हो रहे हैं।

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