Edited By Isha, Updated: 06 Aug, 2026 08:16 AM

पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य राज्यों को जोड़ने वाले हरियाणा के सड़क नेटवर्क पर ड्रग तस्करों की गतिविधियों को देखते हुए केंद्र और राज्य एजेंसियों ने निगरानी और समन्वित कार्रवाई को
चंडीगढ़(चन्द्र शेखर धरणी): पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य राज्यों को जोड़ने वाले हरियाणा के सड़क नेटवर्क पर ड्रग तस्करों की गतिविधियों को देखते हुए केंद्र और राज्य एजेंसियों ने निगरानी और समन्वित कार्रवाई को और मजबूत कर दिया है। लोकसभा में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह लगातार अपने रूट और काम करने के तरीके बदलते रहते हैं। इसी कारण किसी भी राज्य को स्थायी रूप से 'ड्रग ट्रांजिट कॉरिडोर' नहीं माना जा सकता।
एनडीपीएस के 10 वर्षों में 28,906 मामले दर्ज
गृह मंत्रालय की ओर से प्रस्तुत एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2015 से 2024 के बीच हरियाणा में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 28,906 मामले दर्ज किए गए। वर्ष 2022 में सबसे अधिक 3,815 मामले सामने आए, जबकि 2024 में भी 3,325 मामले दर्ज हुए। ये आंकड़े बताते हैं कि राज्य में नशा तस्करी और उससे जुड़े अपराध कानून-व्यवस्था के लिए अब भी गंभीर चुनौती बने हुए हैं।
तस्करों के बदलते रूट पर विशेष निगरानी
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने बताया कि ड्रग तस्करी के नेटवर्क स्थायी नहीं होते और अपराधी लगातार नए रास्ते तलाशते रहते हैं। इसी वजह से हरियाणा से गुजरने वाले अंतरराज्यीय मार्गों पर खुफिया निगरानी बढ़ाई गई है। राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच एनसीओआरडी (NCORD) तंत्र के माध्यम से सूचनाओं का आदान-प्रदान कर संयुक्त अभियान चलाए जा रहे हैं।
पड़ोसी राज्यों के साथ बनाई गई साझा रणनीति
ड्रग नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई के लिए हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और जम्मू-कश्मीर की एजेंसियों के बीच समन्वय और मजबूत किया गया है। गृह मंत्रालय के अनुसार फरवरी 2026 में आयोजित संयुक्त बैठक में ड्रग हॉटस्पॉट, एंट्री-एग्जिट प्वाइंट तथा संभावित तस्करी मार्गों की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके बाद अंतरराज्यीय स्तर पर साझा खुफिया सूचनाओं और संयुक्त अभियानों को और तेज किया गया।
ड्रग मनी पर भी कसा जा रहा शिकंजा
गृह मंत्रालय ने बताया कि केवल तस्करों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उनकी अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2025 में हरियाणा में ड्रग तस्करी से जुड़ी 14.33 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त या फ्रीज की गई, जबकि वर्ष 2026 में मई तक 6.54 करोड़ रुपये की संपत्तियों पर कार्रवाई हो चुकी है।
आदतन तस्करों पर निरोधात्मक कार्रवाई
ड्रग तस्करी में बार-बार शामिल पाए जाने वाले अपराधियों पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2025 में 75 तथा वर्ष 2026 में जून तक 10 आदतन तस्करों के खिलाफ पीआईटी-एनडीपीएस कानून के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की गई है। केंद्र का कहना है कि ड्रग तस्करी के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए गिरफ्तारी, आर्थिक कार्रवाई और अंतरराज्यीय समन्वय—तीनों स्तरों पर अभियान लगातार जारी रहेगा।