हरियाणवियों को विदेशों में मजदूरी को मजबूर कर बाहरियों को अफसर बना रही भाजपा सरकार : सुरजेवाला

Edited By Krishan Rana, Updated: 12 May, 2026 03:14 PM

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सांसद व कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव, रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा सरकार पर ताबड़तोड़ आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार

हरियाणा डेस्क : सांसद व कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव, रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा सरकार पर ताबड़तोड़ आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार द्वारा एक सोची-समझी रणनीति के अनुसार क्लास 1 से 3 के अफसरों/अध्यापकों के पदों पर ‘‘बाहरी उम्मीदवारों’’ की भर्ती कर हरियाणा के युवाओं के हक पर दिनदहाड़े डाका डाला जा रहा है।

रणदीप ने कहा कि अब हरियाणा के हर नौजवान की जुबान पर श्रीमान नायब सैनी और भाजपा सरकार का चिर-परिचित फॉर्मूला है - ‘‘चपरासी हमारे, और अफसर हरियाणा से बाहर के’’। जब हरियाणा की भाजपा सरकार ही हरियाणा के सामान्य वर्ग के युवाओं को धक्के मारकर बेरोजगारी के कुएँ में धकेल रही है, तो हमारे बच्चों की सुध और कोई क्यों लेगा?

सुरजेवाला ने कहा कि 11 साल से भाजपा सरकार हरियाणा के युवाओं को ‘‘ना पर्ची, ना खर्ची’’ का झूठा नारा दे रही है और लगातार हरियाणा के युवाओं से धोखा कर रही है। उन्होंने कहा कि श्री मनोहर लाल खट्टर के शासनकाल से श्री नायब सैनी की चुटकुलों वाली सरकार तक हरियाणा के युवाओं, खासतौर से सामान्य वर्ग के युवाओं को, केवल बेजारी-बेरुखी-बेवफाई के धक्के ही मिले हैं और बार-बार हर भर्ती में हरियाणा से बाहर के युवाओं को नौकरी मिल जाती है और हमारे युवा ठगे से खड़े रह जाते हैं।

नायब सैनी सरकार की भर्ती प्रणाली पर हमला करते हुए सुरजेवाला ने कहा कि HPSC व HSSC के माध्यम से प्रदेश में की जा रही अफसरों की हर भर्ती में इसी रणनीति के अनुसार 70-80 % पदों पर हरियाणा से बाहर के उम्मीदवारों का चयन किया जा रहा है। सुरजेवाला ने असिस्टैंट प्रोफेसर (कॉलेज काडर), हिंदी विषय का हवाला देते हुए कहा कि 02 अगस्त, 2024 को 139 पदों की एडवरटाईजमेंट निकाली, जिसमें 67 पद जनरल कैटेगरी के थे (संलग्नक A1)। दो साल तक युवाओं को लटकाकर 12 फरवरी/17 अप्रैल, 2026 को रिज़ल्ट निकाला और अब भर्ती किए गए युवाओं के नाम-पते की सूची जारी हुई, जो संलग्न A2 है। 

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असिस्टैंट प्रोफेसर (कॉलेज काडर), हिंदी की लिस्ट से साफ है कि कुल पद 139 हैं, जिसमें जनरल कैटेगरी के 67 पद हैं। पर भरे गए पद केवल 60 हैं। संलग्न लिस्ट A2के अवलोकन से साफ है कि इन 60 में से 41 पदों पर हरियाणा से बाहर के लोगों की भर्ती की गई है। क्योंकि भाजपा व नायब सैनी सरकार यह मानती है कि हरियाणा के युवाओं को शायद हिंदी पढ़नी भी नहीं आती या फिर हरियाणा के युवा हिंदी पढ़ने-पढ़ाने के भी योग्य नहीं। किसी भी सरकार का इससे शर्मनाक रवैया क्या हो सकता है?

सुरजेवाला ने बताया कि असिस्टैंट प्रोफेसर (कॉलेज काडर), साईकोलॉजी भर्ती इश्तेहार भी 02.08.2024 को निकाला गया (संलग्नक A1)। कुल पद 85 थे, जिसमें जनरल कैटेगरी के पद 44 थे। अब उसका रिज़ल्ट निकाला गया है, जो संलग्न A3 है।

चौंकाने वाली बात यह है कि 44 जनरल कैटेगरी पदों में केवल 2 कैंडिडेट ही पास किए गए और बाकी सब फेल। SC कैटेगरी के 16 पद थे और एक व्यक्ति भी योग्य नहीं पाया गया, यानी सब फेल। BCA व BCB कैटेगरी के 17 पद थे और एक भी योग्य नहीं पाया गया, यानी सब फेल। EWS कैटेगरी के 5 पदों में भी सब फेल क्योंकि नायब सैनी सरकार को कोई योग्य नहीं मिला। 

तरीका साफ है, या बाहर के लोगों की भर्ती करो, या मलाई न मिले तो सबको फेल कर पदों को खाली रखो। सुरजेवाला ने कहा कि हमारे पढ़े-लिखे मेधावी बच्चे विदेशों में जाकर मजदूरी करने को मजबूर हैं और बाहरी राज्यों के युवाओं को हमारे ऊपर राज करने के लिए लाया जा रहा है। हरियाणा में हरियाणवियों को ‘‘दूसरे दर्जे’’ का नागरिक बनाया जाना भाजपा की बड़ी रणनीति का हिस्सा है। यह कोई नई बात नहीं, बल्कि भाजपा सरकार में हरियाणा के युवाओं के हकों पर डाका डालने का एक पैटर्न है। उन्होंने इस बारे कई और उदाहरण भी दिएः- 

👉  ‘‘टॉवर यूटिलिटीज़’’ असिस्टैंट  इंजीनियर की भर्ती में सामान्य वर्ग के 214 पदों में 185 पदों पर हरियाणा से बाहर के उम्मीदवारों का चयन किया गया।

👉  हाल ही में सिंचाई विभाग में सहायक अभियंता (सिविल) की भर्ती की लिस्ट जारी हुई है इस भर्ती में सामान्य वर्ग के 49 पदों में से 28 पदों पर बाहरी उम्मीदवारों का चयन किया गया है।

👉  प्रदेश में 10 साल बाद हुई ए.एम.ओ की भर्ती में सामान्य वर्ग के 427 पदों में से 394 पदों की लिस्ट जारी की गई उसमें से 75% पदों पर बाहरी उम्मीदवारों का चयन किया गया है। 

👉  यही हाल सिविल जज की भर्ती में रहा। उन्होंने कहा कि सिविल जज के 110 पदों में से 60 पदों पर बाहरी उम्मीदवारों को जज लगाया गया है।

 👉 तकनीकी शिक्षा विभाग में प्राध्यापकों के सामान्य वर्ग के 153 में से 106 पदों पर बाहरियों का चयन किया गया।

 👉 HCS की हर भर्ती में 40 प्रतिशत से अधिक बाहरी उम्मीदवारों का चयन किया गया है।

👉  साल 2019 में SDO, बिजली विभाग भर्ती में 80 पदों में मात्र 2 उम्मीदवार ही हरियाणा के भर्ती हुए थे। फिर हमारे विरोध के चलते यह भर्ती कैंसल करनी पड़ी।

👉  साल 2019 में ही असिस्टैंट प्रोफेसर, पॉलिटिकल साइंस की भर्ती में 18 में से 11 चयनित उम्मीदवार बाहरी थे और केवल 7 हरियाणवी थे।  

👉  इसी प्रकार एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर की भर्ती में जनरल कैटेगरी के 23 पदों में 16 बाहरी उम्मीदवार भर्ती किए गए और केवल 7 हरियाणवी युवाओं की ही भर्ती हुई। 

👉  हरियाणा अकेला ऐसा प्रांत है जहाँ नौकरी लेने के लिए जनरल नॉलेज के पेपर में हरियाणा की संस्कृति, भाषा, तौर-तरीके, भौगोलिक परिस्थिति, हरियाणवी विरासत, हरियाणवी रीति-रिवाज, सामाजिक ताने-बाने के बारे कोई जानकारी होने की आवश्यकता नहीं और ना ही हरियाणा से जुड़ा ऐसा कोई सवाल जनरल नॉलेज के पेपर में पूछा जाता है। हरियाणा में पले-बढ़े होने की और हरियाणा के लोगों को जानने-समझने की भाजपा सरकार के मुताबिक कोई आवश्यकता नहीं।

👉  सुरजेवाला ने कहा कि सभी महत्वपूर्ण पदों पर बाहरी उम्मीदवारों का चयन किया जा रहा है और लोगों को मूर्ख बनाने के लिए हर 2-4 साल के बाद ग्रुप डी की भर्ती के माध्यम से हजार-दो हजार चपड़ासी चौकीदार जैसे पदों पर हजार-दो हजार हरियाणवी युवा लगाकर बिना पर्ची, बिना खर्ची का पाखंड रच दिया जाता है।

👉  सुरजेवाला ने आरक्षित वर्गों के युवाओं को सावधान करते हुए कहा कि केवल सामान्य वर्ग के हरियाणवियों का ही रोजगार खतरे में हो ऐसा नहीं है। भाजपा ने बाहरियों को हरियाणा में सेट करने और हरियाणा में हरियाणवियों को अल्पसंख्यक बनाने के उद्देश्य से नियमों में बदलाव करते हुए हरियाणा के निवासी होने के प्रमाण पत्र के लिए समय सीमा 10 साल से घटाकर 5 साल कर दी। यही कारण है कि एनसीआर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर दूसरे प्रदेशों से आए हुए परिवार अब हरियाणा का डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनवाकर उन आरक्षित पदों पर भी दावा करने लगे हैं जो पहले केवल हरियाणा के दलित - पिछड़ों के लिए आरक्षित होते थे। 

👉  रणदीप ने कहा कि बिहार से आयात किए गए HPSC के चेयरमैन तो हरियाणा के युवाओं को हर रोज चिढ़ाते हैं और यहाँ तक कहते हैं कि ‘‘हरियाणा के युवा ‘फेलियर’ हैं क्योंकि उन्हें ठीक से पढ़ाया नहीं गया है’’। ‘‘हरियाणा के युवाओं को लिखना तक नहीं सिखाया गया है’’।

यह हरियाणा के युवाओं का अपमान नहीं तो और क्या है। रणदीप ने मांग की कि युवाओं के हकों व रोजगार पर डाका डालने के भाजपाई षडयंत्र की व्यापक जांच हो और मुख्यमंत्री, श्रीमान नायब सैनी हरियाणा के युवाओं से सार्वजनिक माफी मांगें।

सुरजेवाला ने कहा कि यह हमारी यह मांग भी है हरियाणा की संस्कृति, भौगोलिक और सामाजिक स्थिति, सामाजिक परिवेश के अनुरूप ही भर्ती हो ताकि स्थानीय मान्यताएं, हालात, भाषा व बोली बोलने और समझने वाले युवाओं को नौकरी पाने में न्यायसंगत प्राथमिकता मिले। 

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