Edited By Krishan Rana, Updated: 17 May, 2026 02:26 PM

देश में लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों के बीच हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने फिजूलखर्ची रोकने और ईंधन बचाने
हरियाणा डेस्क : देश में लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों के बीच हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने फिजूलखर्ची रोकने और ईंधन बचाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील का असर अब प्रदेश की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर साफ दिखने लगा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकारी खर्च में कटौती करने के लिए मंत्रियों और अफसरों के दौरों और बैठकों के नियम पूरी तरह बदल दिए हैं।
अब हरियाणा में ज्यादातर सरकारी बैठकें आमने-सामने (फिजिकली) होने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाएंगी। अब प्रदेश में ज्यादातर सरकारी बैठकें फिजिकली होने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की जाएंगी। सरकार का मानना है कि इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि वाहनों और ईंधन पर होने वाला खर्च भी काफी कम होगा।
सरकार ने इस नई व्यवस्था के जरिए हर साल करीब 2 करोड़ 75 लाख रुपये की सीधी बचत का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सभी विभागों को सरकारी वाहनों का सीमित इस्तेमाल करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस अभियान की शुरुआत खुद से की है। उन्होंने अपने सुरक्षा काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या 8 से घटाकर केवल 4 कर दी है। सीएम सैनी ने कड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि आगामी आदेश तक उनके साथ सिर्फ बेहद जरूरी सुरक्षा वाहन ही चलेंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और आम जनता से भी सार्वजनिक परिवहन और साझा वाहनों के इस्तेमाल की अपील की है।
ऑडियो-वीडियो कॉल के जरिए होगी बैठकें
उधर, हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने भी सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से कार-पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल पर जोर दिया है। सरकार के साथ-साथ संगठन स्तर पर भी बदलाव शुरू हो गया है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने साफ कर दिया है कि अब पार्टी की भी ज्यादातर संगठनात्मक बैठकें वर्चुअल या ऑडियो-वीडियो कॉल के जरिए ही निपटााई जाएंगी।
(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)