Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 25 Nov, 2025 10:38 PM

गुड़गांव में दो अलग-अलग क्षेत्रों में सिक्योरिटी गार्ड और श्रमिक के फंदे पर लटक कर अपनी जान देने का मामला सामने आया है। दोनों की मौत की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को मृतकों के पास...
गुड़गांव,(ब्यूरो): गुड़गांव में दो अलग-अलग क्षेत्रों में सिक्योरिटी गार्ड और श्रमिक के फंदे पर लटक कर अपनी जान देने का मामला सामने आया है। दोनों की मौत की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को मृतकों के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
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पहली घटना पालम विहार थाना क्षेत्र की है। यहां धर्म कालोनी में ससुराल आए 27 वर्षीय नरेंद्र नाम के युवक ने मंगलवार सुबह फंदा लगा लिया। नरेंद्र मूल रूप से यूपी के झांसी जिले के सिकंदरा गांव के रहने वाले थे। यह पत्नी के साथ सेक्टर 104 में रहते थे और एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड थे। बताया जाता है कि कुछ महीनों पहले गर्भवती होने पर पत्नी को उन्होंने गांव भेज दिया था। इस समय वह अकेले थे। इनके साले मनीष कुमार ने बताया कि सोमवार दोपहर उनके जीजा नरेंद्र उनके घर आए। उन्होंने मानसिक रूप से परेशान होने की जानकारी दी। वह रात भर यहां रुके। जब मंगलवार सुबह सभी लोग सो रहे थे तो उन्होंने कमरे में फंदा लगा लिया।
दूसरी ओर सेक्टर 17-18 थाना क्षेत्र के सुखराली गांव में किराए पर रहने वाले 21 वर्षीय मनीष ने सोमवार शाम फंदा लगाकर जान दे दी। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के फुगाना गांव के रहने वाले थे। पुलिस के मुताबिक आसपास के लोगों ने घटना की जानकारी कंट्रोल रूम में दी थी। अभी आत्महत्या के कारण सामने नहीं आ पाए हैं। कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। युवक गुरुग्राम में श्रमिक का काम करता था।