Edited By Yakeen Kumar, Updated: 09 Oct, 2025 07:28 PM

मजदूर माता-पिता ने अपने गहने बेचकर और कर्ज लेकर एक एजेंट को 6 लाख रुपये दिए थे ताकि संदीप विदेश जाकर पढ़ाई कर सके और बेहतर भविष्य बना सके।
रोहतक (दीपक भारद्वाज) : रोहतक जिले के तैमूरपुर गांव का 29 वर्षीय संदीप पढ़ाई के सपने लेकर 23 सितंबर 2024 को स्टडी वीजा पर रूस गया था, लेकिन अब वह यूक्रेन युद्ध में जबरन झोंक दिया गया है। परिवार के मुताबिक, मजदूर माता-पिता ने अपने गहने बेचकर और कर्ज लेकर एक एजेंट को 6 लाख रुपये दिए थे ताकि संदीप विदेश जाकर पढ़ाई कर सके और बेहतर भविष्य बना सके।
परिजनों ने बताया कि रूस पहुंचने के बाद संदीप ने पढ़ाई के साथ काम करने की सोची। इसी दौरान उसे एक कुक की नौकरी मिली, लेकिन रशियन आर्मी ने उसे धोखे से सेना में भर्ती कर युद्ध क्षेत्र में भेज दिया। संदीप ने एक बंकर से वीडियो कॉल कर परिजनों को बताया कि उसे जबरदस्ती रखा गया है, बंकर युद्ध क्षेत्र से महज ढाई किलोमीटर दूर है और उसे पर्याप्त खाना तक नहीं दिया जा रहा। उसने रोते हुए कहा कि उसकी जान खतरे में है और उसे जल्द भारत वापस लाया जाए।
माता-पिता करते हैं मजदूरी

संदीप के माता-पिता सरोज और बख्शी राम दिहाड़ी मजदूर हैं। वे अपने बेटे को सुरक्षित लाने के लिए प्रधानमंत्री से लेकर जिला प्रशासन तक गुहार लगा रहे हैं। उनका कहना है कि जिस एजेंट ने संदीप को भेजा था, वह अब फोन तक नहीं उठा रहा। परिवार की मांग है कि सरकार जल्द कार्रवाई कर उनके बेटे को रूस से सुरक्षित स्वदेश वापस लाए।
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