पलवल में जिला परिषद के ACEO की MBA डिग्री पर उठे सवाल, साल 2021 से पंचायत विभाग में कर रहा नौकरी

Edited By Deepak Kumar, Updated: 04 Oct, 2025 11:44 AM

questions raised on aceo mba degree of zila parishad in palwal

हरियाणा के पलवल में जिला परिषद के ACEO युधिष्ठिर की MBA डिग्री संदेह के घेरे में आ गई है। जिला परिषद की चेयरपर्सन रेखा ने मुख्यमंत्री नायब सैनी, पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत कर डिग्री की वैधता पर सवाल उठाए हैं।

पलवल (गुरुदत्त गर्ग) : हरियाणा के पलवल में जिला परिषद के ACEO युधिष्ठिर की MBA डिग्री संदेह के घेरे में आ गई है। जिला परिषद की चेयरपर्सन रेखा ने मुख्यमंत्री नायब सैनी, पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत कर डिग्री की वैधता पर सवाल उठाए हैं। युधिष्ठिर 2021 से पंचायत विभाग में कार्यरत हैं और वर्तमान में जिला परिषद में ACEO के पद पर हैं।

फर्जी डिग्री का स्रोत 

सवाल उठाई गई MBA डिग्री उत्तर प्रदेश के हापुड़ स्थित मोनाड यूनिवर्सिटी की बताई जा रही है। यह वही यूनिवर्सिटी है जहां यूपी की स्पेशल टास्क फोर्स ने फर्जी मार्कशीट, डिग्री, प्रोविजनल और माइग्रेशन सर्टिफिकेट जारी करने का रैकेट पकड़ा था। यूनिवर्सिटी के चेयरमैन विजेंद्र सिंह हुड्डा, प्रो-वाइस चांसलर नितिन कुमार सिंह समेत दस से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

शिकायत और जांच की प्रक्रिया

चेयरपर्सन रेखा ने युधिष्ठिर की डिग्री के आधार पर 2021 में उनके पंचायत विभाग में काम करने पर आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि युधिष्ठिर ने न केवल फर्जी डिग्री प्राप्त की बल्कि अपने करीब 18 रिश्तेदारों को भी इसी यूनिवर्सिटी से डिग्रियां दिलवाईं, जिनके आधार पर वे भी पंचायत विभाग में नियुक्त हुए।

पहली शिकायत मार्च 2023 में गांव सिहोल के राजकुमार ने लगाई थी। उस समय जांच में युधिष्ठिर ने यूनिवर्सिटी के अंदर काम कर रहे गिरोह की मदद से डिग्री की वैधता साबित कराई थी, जिससे कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पुनः जांच और यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट

चूँकि मामला गंभीर था, चेयरपर्सन रेखा ने सितंबर 2025 में पुनः जांच की मांग की। इसके बाद यूनिवर्सिटी से वैरिफिकेशन कराए गए, जिसमें 16 सितंबर को यह रिपोर्ट आई कि युधिष्ठिर ने कभी मोनाड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई नहीं की है। यूनिवर्सिटी ने पुष्टि की कि छात्र संख्या MU1719MBA50942 के नाम से नामांकन नहीं है।

ACEO का जवाब और प्रशासन की प्रतिक्रिया

ACEO युधिष्ठिर ने आरोपों को पूरी तरह झूठा बताया और कहा कि उनकी डिग्री की पहले भी जांच हो चुकी है जिसमें डिग्री सही पाई गई थी। उन्होंने दावा किया कि चेयरपर्सन द्वारा प्रस्तुत वेरिफिकेशन लेटर नकली है। युधिष्ठिर ने प्रशासन की जांच पर भरोसा जताते हुए कहा कि जांच पूरी होने पर वे आरोप लगाने वालों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करेंगे।

पलवल के डीसी हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि उन्हें इस मामले की शिकायत मिली है और जांच चल रही है। जांच के परिणामों के आधार पर ही आगे कार्रवाई की जाएगी।

अब जानिए…मोनाड यूनिवर्सिटी में क्या खेल चल रहा था

यूपी एसटीएफ ने फर्जी मार्कशीट-डिग्री रैकेट पकड़ा इसी साल मई में यूपी की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने हापुड़ की मोनाड यूनिवर्सिटी में एक रैकेट पकड़ा। रैकेट में यूनिवर्सिटी प्रबंधन से जुड़े लोग व कर्मचारी भी शामिल थे। एसटीएफ का दावा है कि यह रैकेट फर्जी मार्कशीट, डिग्रियां, प्रोविजनल सर्टिफिकेट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट जारी करता था।

चेयरमैन से लेकर प्रो वाइस चांसल तक गिरफ्तार हुए ​​​​​​​एसटीएफ की कार्रवाई के बाद यूनिवर्सिटी के चेयरमैन विजेंद्र सिंह हुड्डा, प्रो-वाइस चांसलर नितिन कुमार सिंह समेत 10 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हुई। इसके अलावा काफी कर्मियों से पूछताछ हुई। 1,372 नकली डिग्रियां व मार्कशीट्स बरामद हुईं। 262 नकली प्रोविजनल और माइग्रेशन सर्टिफिकेट्स, कई खाली मार्कशीट, खाली सर्टिफिकेट्स, प्रिंटर, कंप्यूटर, सील आदि जब्त किए गए।

50 हजार से लेकर 4 लाख रुपए तक में डिग्री मिलती थी ​​​​​​​एसटीएफ का दावा है कि रैकेट में शामिल लोगों ने छात्रों से ₹50,000 से लेकर ₹4,00,000 तक वसूले थे। जितनी बड़ी व महत्वपूर्ण डिग्री, उतनी कीमत लगती थी। इस केस में FIR दर्ज की गई है। बेईमानी, धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा, बड़े पैमाने पर अपराध संगठित करने की धाराएं लगी। जिला प्रशासन ने राज्य सरकार को इस यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द करने की सिफारिश की

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