रिसर्च और एआई पर बड़ा दांव, हरियाणा में स्टेट रिसर्च फंड और ‘ए.आई. मिशन’ की तैयारी: नायब सैनी

Edited By Manisha rana, Updated: 28 Feb, 2026 05:00 PM

preparation for state research fund and  ai mission  in haryana nayab saini

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि प्रदेश में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 'हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड' स्थापित किया जाएगा। 20 करोड़ रुपए के प्रारंभिक कोष से बनने वाला यह फंड कालेजों और विश्वविद्यालयों में शोध गतिविधियों को नई दिशा...

चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि प्रदेश में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 'हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड' स्थापित किया जाएगा। 20 करोड़ रुपए के प्रारंभिक कोष से बनने वाला यह फंड कालेजों और विश्वविद्यालयों में शोध गतिविधियों को नई दिशा देगा। विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कई उत्कृष्ट आइडिया संसाधनों के अभाव में साकार नहीं हो पाते। सरकार का उद्देश्य ऐसे नवाचारों को आर्थिक सहारा देकर उन्हें धरातल पर उतारना है।

'हरियाणा ए.आई. मिशन' का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में देश तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) अनुसंधान को अपना रहा है। इसी दिशा में प्रदेश में 'हरियाणा ए.आई. मिशन' स्थापित करने का प्रस्ताव है। इस मिशन के लिए विश्व बैंक ने 474 करोड़ रुपए की सहायता का आश्वासन दिया है। मिशन के तहत गुरुग्राम और पंचकूला में एक-एक ए.आई. हब स्थापित किया जाएगा, जहां 50 हजार युवाओं को नई तकनीकों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे स्टार्टअप्स को कुशल कार्यबल मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ए. आई. आधारित नीतियों को मानव-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ लागू करेगी, ताकि तकनीक का लाभ सुरक्षित, समावेशी और न्यायसंगत रूप से सभी तक पहुंचे।

कर्ज और राजकोषीय स्थिति पर जवाब
कर्ज देनदारी में 227.49 प्रतिशत की वृद्धि हुई मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासन काल में वर्ष 2004-05 से 2014-15 तक 10 साल की अवधि के दौरान कर्ज देनदारियों में 458.30 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। जबकि हमारे 10 साल के शासनकाल में 2014-15 से 2024-25 के बीच कर्ज देनदारी में 227.49 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो कि इनकी सरकार की तुलना में आधी से भी कम है। बजट अनुमान 2025-26 के अनुसार, राज्य का राजकोषीय घाटा सकल राज्य घरेल उत्पाद (जी.एस.डी.पी.) का 2.67 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो कि फिसकल रिस्पांसिबिलिटी एंड बजट मैनेजमैंट एक्ट के तहत 15वें वित्त आयोग द्वारा निर्धारित 3 प्रतिशत की सीमा से कम है। हमने पिछले 10 वर्षों में ऋण सेवा के लिए 3 लाख 66 हजार 16 करोड़ रुपए का भुगतान किया है। इसमें 1 लाख 61 हजार 796 करोड़ रुपए ब्याज भुगतान और 2 लाख 4 हजार 220 करोड़ रुपए मूलधन शामिल हैं।

पी.पी.पी. में हुई गलतियों को ठीक कराने का अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन की भावना के अनुरूप हरियाणा की जनता से अनुरोध किया था कि जिन लोगों ने जिस किसी भी कारण से, गलती से या गलत नीयत से पी.पी.पी. में अपनी इंकम कम दिखाई है, वे इसे ठीक करवा लें। वे स्वयं ही बी.पी.एल. कैटेगरी से बाहर हो जाएंगे। इसके बाद, अनेक लोगों ने अपने नाम बी.पी.एल. सूची से कटवा लिए हैं। सरकार ने दोबारा इनकम वैरीफिकेशन भी करवाई। इस दौरान जिन लोगों की आय 1 लाख 80 हजार रुपए से अधिक थी, उनको बी.पी.एल. सूची से बाहर कर दिया गया है।

कानून व्यवस्या और अपराध दर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों को लागू करने में हरियाणा देश में दूसरे स्थान पर है। 1 जुलाई 2024 से अब तक दर्ज मामलों में सजा की दर 74.13 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि 2004-2014 के दौरान हत्या के मामलों में वार्षिक 3.81 प्रतिशत वृद्धि थी, जबकि 2014-2025 के दौरान यह घटकर 1.75 प्रतिशत रह गई। इसी तरह दंगों के मामलों में वार्षिक वृद्धि दर 9.74 प्रतिशत से घटकर 2.41 प्रतिशत रह गई है।

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