Edited By Isha, Updated: 05 Mar, 2026 02:04 PM

गौवंश की देखरेख के दावे करने वाले हुक्मरानों के दावों की पोल बहादुरगढ़ में खुल गई है। खेल विभाग की जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई नंदीशाला में गौवंश की लगातार मौत हो रही है। लोगों का आरोप है कि कई कई
बहादुरगढ़(प्रवीण कुमार धनखड़): गौवंश की देखरेख के दावे करने वाले हुक्मरानों के दावों की पोल बहादुरगढ़ में खुल गई है। खेल विभाग की जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई नंदीशाला में गौवंश की लगातार मौत हो रही है। लोगों का आरोप है कि कई कई दिन तक मृत गौवंश खुले में पड़ा रहता है। खुल्ले गड्ढे में मृत गौवंश और कुत्तों को एकसाथ डाला जाता है । मृत गौवंश के शवों से उठती बदबू के कारण लोगों का सांस लेना मुशिकल हो गया है।

रात के समय बदबू से परेशान लोग नंदीशाला में पहुंचे तो हैरान करने वाले हालात देखकर दंग रह गए। लोगों ने मृत गौवंश का वीडियो बनाकर वायरल भी किया। लोगों कहना है कि ये खेल विभाग की जमीन है और यंहा अवैध तरीके से नंदीशाला बनाई गई है। नंदीशाला में मृत गौवंश का अंतिम संस्कार समय पर नही किया जाता जिसके कारण बदबू से लोगों का जीवन मुश्किल हो गया है। महिलाओं और वार्ड पार्षद ने नंदीशाला को हटाकर खेल स्टेडियम का विस्तार और नवनिर्माण करने की मांग की है।

कॉलोनी के लोगों की सुबह नंदीशाला के संचालको के साथ जमकर बहस हुई। महिलाओं ने जमकर खरी खोटी भी सुनाई। संचालको ने भी माना कि नंदीशाला के लिए कोई लिखित अनुमति नही है केवल 2022 में एसडीएम रहे अनिल यादव की मौखिक अनुमति से नंदीशाला खोली गई थी।
वंही मृत गौवंश के संदर्भ में गौधन सेवा समिति के प्रधान और नगर परिषद की चेयरपर्सन के पति रमेश राठी ने कहा कि होली के कारण कर्मचारी छुट्टी पर थे जिसके कारण अंतिम संस्कार नही हो पाया। लेकिन अब विधिवत अंतिम संस्कार किया गया है। उन्होंने कहा कि कुत्तो और गौवंश का अंतिम संस्कार अलग अलग ही किया गया है और नंदीशाला से बाहर जाखौदा गांव के पास उनका अंतिम संस्कार किया गया है।

गौधन सेवा समिति ही नंदीशाला का संचालन करती है और बीमार पशुओं के इलाज के लिए नंदीशाला में हॉस्पिटल भी चला रही है। साथ में हर चारे के व्यापार भी नंदीशाला से हो रहा है जंहा हरा चारा 6 रुपए किलो के हिसाब से बेचा जाता है। लेकिन अहम बात ये है कि नंदीशाला की जमीन सरकार की है।
खेल स्टेडियम के लिए रिजर्व है बावजूद इसके एक अधिकारी ने अवैध तरीके से यंहा नंदीशाला बनवा दी और अब वँहा के हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग नंदीशाला लो शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं।ऐसे में प्रशासन और सरकार पर खेल स्टेडियम के लिए रिजर्व जमीन को खाली करवाने और नंदीशाला को शिफ्ट करने की जिम्मेदारी आ पड़ी है। देखते हैं कि क्या लोगों के विरोध के बाद खेल स्टेडियम की जमीन खाली होगी ।क्या नंदीशाला को शिफ्ट किया जाएगा या फिर राजनीति के फेर में ये विरोध दबकर रह जायेगा।