IDFC बैंक घोटाला : CBI के चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-एन.सी.आर. में 6 स्थानों पर छापे

Edited By Manisha rana, Updated: 08 Jun, 2026 08:49 AM

idfc bank scam

हरियाणा के 661 करोड़ रुपए के आई.डी.एफ.सी. और ए.यू. स्मॉल बैंक घोटाले में सी.बी.आई. ने अब आरोपियों के घरों पर छापामारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में शनिवार से लेकर रविवार सुबह तक सी.बी. आई. ने एक साथ चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-एन.सी. आर. में 6 स्थानों...

चंडीगढ़ : हरियाणा के 661 करोड़ रुपए के आई.डी.एफ.सी. और ए.यू. स्मॉल बैंक घोटाले में सी.बी.आई. ने अब आरोपियों के घरों पर छापामारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में शनिवार से लेकर रविवार सुबह तक सी.बी. आई. ने एक साथ चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-एन.सी. आर. में 6 स्थानों पर छापामारी की।

सूत्रों की मानें तो सी.बी.आई. ने हरियाणा के वरिष्ठ आई.ए.एस. अधिकारी पंकज अग्रवाल, मोहम्मद शाइन और प्रदीप कुमार के अलावा आई. एफ. एस. अधिकारी नवनीत कुमार श्रीवास्तव के आवास पर छापेमारी की। नोएडा स्थित विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक के ठिकानों पर भी रेड की गई। जांच दौरान मिले सम्पत्तियों के डॉक्यूमैंट, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण को सी.बी.आई. ने कब्जे में ले लिया है। सी.बी.आई. की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इन अधिकारियों ने बैंक कर्मियों के साथ मिलकर कथित अकाऊंट खुलवाए, सरकारी पैसे को अन्य खातों में ट्रांसफर करवाया गया। सी.बी.आई. अभी यह जांच कर रही है कि इन अकाऊंट के बदले अधिकारियों को क्या प्रोफिट मिला।

हरियाणा के 8 सरकारी विभागों से जुड़े आई. डी. एफ.सी. बैंक फ्रॉड में पहले 560 करोड़ रुपए की गड़बड़ी सामने आई थी जो जांच के दौरान बढ़कर 661 करोड़ रुपए हो गई। सी.बी.आई. ने शनिवार देर रात 3 आई.ए.एस. और एक आई.एफ.एस. अधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी कर दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले। टीम चंडीगढ़ के सैक्टर-16 स्थित मोहम्मद साइन और अन्य अधिकारियों की सैक्टर 6, 7, 19 स्थित कोठियों में पहुंची। पंचकूला के सैक्टर-6 में एक वरिष्ठ आई.ए. एस. अधिकारी ने करीब एक कनाल की कोठी खरीदी थी। यह कोठी अपने नाम न लेकर किसी रिश्तेदार के नाम की गई। सी.बी.आई. को इस कोठी से संबंधित कुछ डॉक्यूमैंट भी मिले हैं। टीम अब इन अधिकारियों और फैमिली मैंबर्स के अकाऊंट की डिटेल भी खंगाल रही है। कोठी की खरीद का लेन-देन करीब 2 माह पहले हुआ था।

कम्पनी खाते से डायरेक्टर के निजी खाते में पहुंचा पैसा

सी.बी.आई. अनुसार जांच दौरान पता चला कि इस लेन-देन से कमाए गए पैसे पहले विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड के खाते में जमा हुए और बाद में उसे कम्पनी निदेशक के निजी खाते में ट्रांसफर कर दिया गया। प्राइमरी जांच पूरी होने के बाद पंचकूला स्थित विशेष सी.बी.आई. अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। चार्जशीट में हरियाणा पावर जैनरेशन कार्पोरेशन लिमिटेड और हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के कुछ पब्लिक सर्वेट की भूमिका का उल्लेख किया गया है। चार्जशीट में यह भी बताया गया है कि किस प्रकार आई.डी. एफ.सी. फर्स्ट बैंक और ए.यू. फाइनेंस बैंक में जमा सरकारी पैसे को कथित रूप से फर्जी लेन-देन के जरिए दूसरे खातों में ट्रांसफर किया गया। सी.बी.आई. के अनुसार तीनों मामलों की जांच अभी जारी है। जांच में जिन अन्य लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में पूरक चार्जशीट भी दाखिल की जा सकती है। बताया गया कि इस पूरक चार्जशीट में हरियाणा के आई.ए. एस. अधिकारियों का नाम आना तय है लेकिन इसके लिए सी.बी.आई. को हरियाणा सरकार से मंजूरी भी लेनी होगी।

 

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