अब छोटे कस्बों में मिलेगी बड़े शहरों जैसी पढ़ाई! रुक जाएगा पलायन, इन जिलों में डिमांड वाले नए कोर्सों की एंट्री

Edited By Isha, Updated: 26 May, 2026 09:01 AM

now small towns will offer education on par with big cities

शैक्षणिक सत्र 2026-27 से राज्य के कई छोटे शहरों और कस्बों के कॉलेजों में ऐसे आधुनिक कोर्स शुरू किए जा रहे हैं जो अब तक बड़े विश्वविद्यालयों या निजी संस्थानों तक ही सीमित थे। प्रदेश के कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया जारी है।

चंडीगढ़: शैक्षणिक सत्र 2026-27 से राज्य के कई छोटे शहरों और कस्बों के कॉलेजों में ऐसे आधुनिक कोर्स शुरू किए जा रहे हैं जो अब तक बड़े विश्वविद्यालयों या निजी संस्थानों तक ही सीमित थे। प्रदेश के कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया जारी है।

सरकार ने पहली बार गुरुग्राम के सिधरावली कॉलेज में जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) और रिमोट सेंसिंग जैसे तकनीकी कोर्स शुरू करने का फैसला लिया है। यह कोर्स सैटेलाइट, डिजिटल नक्शों और भूमि सर्वेक्षण से जुड़ा है, जिसका इस्तेमाल आज खेती से लेकर शहर बसाने तक में हो रहा है। इसके साथ ही जींद, नरवाना, पलवल और गुरुग्राम के सरकारी कॉलेजों में कंप्यूटर साइंस, बीसीए, सिंगल मेजर फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को अपने जिले में ही आधुनिक पढ़ाई मिल सकेगी और उन्हें बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।

नई शिक्षा नीति के तहत शुरू किए जा रहे सिंगल मेजर कोर्सों में विद्यार्थियों को एक विषय की गहराई से पढ़ाई कराई जाएगी। वहीं, कई कॉलेजों में विज्ञान और वाणिज्य विषयों की सीटें भी बढ़ाई गई हैं। दूसरी तरफ जिन विषयों में विद्यार्थियों की संख्या कम रही, उन्हें बंद करने का फैसला लिया गया है। करनाल और हिसार के कुछ कॉलेजों में पंजाबी, संस्कृत और हिंदी ऐच्छिक विषय हटाए गए हैं।  

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