बेटियों के नाम से हर घर के सामने लगेगी नेम प्लेट, पंचायत और सामाजिक संस्था की नई पहल

Edited By vinod kumar, Updated: 22 Oct, 2020 09:11 PM

name plate will be displayed in front of every house in the name of daughters

भिवानी जिले के पुर गांव में ग्रामीणों और सर्व कल्याण मंच सामाजिक संस्था द्वारा एक अनूठी मुहिम चलाई है, जिसमें गांव के सभी घरों के सामने बेटियों के नाम से नेम प्लेट लगाई जाएगी और पूरा गांव बेटियों के नाम से जाना जाएगा। वैसे तो यह मुहिम 8 मार्च से...

चंडीगढ़ (धरणी): भिवानी जिले के पुर गांव में ग्रामीणों और सर्व कल्याण मंच सामाजिक संस्था द्वारा एक अनूठी मुहिम चलाई है, जिसमें गांव के सभी घरों के सामने बेटियों के नाम से नेम प्लेट लगाई जाएगी और पूरा गांव बेटियों के नाम से जाना जाएगा। वैसे तो यह मुहिम 8 मार्च से बवानीखेड़ा हलके के विधायक विशंभर बाल्मीकि के द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शुरू की गई थी, लेकिन कोरोना के चलते इस मुहिम पर विराम लग गया था। जिसके बाद बुधवार को फिर से इस मुहिम को शुरू किया गया। 

हर घर बेटी के नाम मुहिम चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर राजकुमार मित्तल गांव पुर में पहुंचे और पूरी पंचायत मंच के द्वारा चालू की गई इस मुहिम की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह हरियाणा में पहली ऐसी मुहिम है, जो बेटियों के सम्मान को आगे बढ़ाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि आज समाज की यह धारणा है कि बेटियां पराया धन होती हैं, लेकिन जिस तरह से बेटियों के नाम से पूरे गांव में नेम प्लेट लगाई जा रही है, उससे बेटियों को भी गर्व महसूस होगा कि यह घर शादी के बाद भी उन्हीं का है। 

वहीं गांव की पंचायत और सरपंच ने बताया कि प्रदेश स्तर पर इस मुहिम को हम हर गांव हर शहर तक लेकर जाएंगे, अभी पुर गांव से शुरुआत की गई है। जिसके बाद पूरे हरियाणा को बेटियों के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने बताया कि हमें गर्व महसूस हो रहा है कि इस मुहिम की शुरुआत हमारे गांव से हुई है। जिसमें पूरी पंचायत ने इस मुहिम का साथ दिया है और पूरे गांव में बेटियों के नाम से नेम प्लेट लगाई जाएंगी।

सर्व कल्याण मंच के प्रदेश अध्यक्ष नवीन कौशिक ने बताया कि गांव पुर से हर घर बेटी के नाम एक मुहिम चलाई गई है जिसमें पूरे गांव में बेटियों के नाम से उनके घरों के आगे नेम प्लेट लगाई जाएगी और गांव को बेटियों के नाम से ही जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में बेटियों को पराया धन माना जाता है, लेकिन इस मुहिम के बाद बेटियों को सम्मान मिलेगा और बेटियों यह अनुभव कर सकेंगे कि आज भी उनका घर उन्हीं के नाम से है। 

उन्होंने बताया कि यह मुहिम पहले 8 मार्च को शुरू की गई थी, लेकिन लॉकडाउन के चलते इस मुहिम को रोकना पड़ा। अब इस मुहिम को पूरी पंचायत के सहयोग से हमारे द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा है और हम आशा ही नहीं विश्वास करते हैं कि इस मुहिम को हम प्रदेश स्तर पर लेकर जाएंगे और हरियाणा के हर गांव हर शहर को बेटियों के नाम से जाना जाएगा।

गांव की बेटी कीर्ति ने बताया कि इस तरह की मुहिम से हमें एक अलग अनुभूति होती है। क्योंकि आज भी हरियाणा के गांव के माता-पिता बेटियों को पराया धन मानते हैं, लेकिन जब घर के सामने हमारे नाम से नेम प्लेट लगी होगी तो हमें खुशी होगी और एक शादी के बाद जो हिचक होती हैं अपने मायके आने की वह खत्म हो जाएगी।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!