Edited By Isha, Updated: 14 Jul, 2026 01:01 PM

हरियाणा के पूर्व राज्यसभा सांसद और एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा के पिता नंद किशोर गोयनका का पार्थिव शरीर आज मुंबई से चार्टर्ड विमान के जरिए हिसार लाया गया। उनके निधन से परिवार, वैश्य
हिसार(विनोद सैनी): हरियाणा के पूर्व राज्यसभा सांसद और एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा के पिता नंद किशोर गोयनका का पार्थिव शरीर आज मुंबई से चार्टर्ड विमान के जरिए हिसार लाया गया। उनके निधन से परिवार, वैश्य समाज और क्षेत्र में शोक की लहर है। 96 वर्षीय नंद किशोर गोयनका का सोमवार को मुंबई में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर हिसार एयरपोर्ट पहुंचने के बाद मोहना मंडी स्थित उनके पैतृक आवास पर अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया, जहां बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं।
डॉ. सुभाष चंद्रा ने अपने पिता को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके पिता का 96 वर्षों का जीवन राष्ट्र सेवा, समाज सेवा और गौ सेवा को समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के समर्पित स्वयंसेवक के रूप में नंद किशोर गोयनका ने राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ समाज के लिए जीवनभर कार्य किया।
नंद किशोर गोयनका का अंतिम संस्कार 16 जुलाई (बुधवार) सुबह 11:30 बजे अग्रोहा स्थित गोयनका उद्यान में किया जाएगा।नंद किशोर गोयनका का जन्म 28 सितंबर 1930 को हिसार जिले के आदमपुर क्षेत्र के गांव सदलपुर में हुआ था। उन्होंने अपने व्यापारिक जीवन की शुरुआत आदमपुर अनाज मंडी से आढ़ती के रूप में की और बाद में सामाजिक व धार्मिक कार्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अग्रोहा धाम के विकास में उनकी अहम भूमिका रही। वैश्य समाज के संरक्षक के रूप में उन्होंने कई सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। संघर्ष के दौर में उन्होंने अपने पुत्र डॉ. सुभाष चंद्रा को व्यापार की बारीकियां सिखाईं, जिन्होंने आगे चलकर एस्सेल ग्रुप की स्थापना कर देश के प्रमुख उद्योगपतियों में अपनी पहचान बनाई।