Edited By Krishan Rana, Updated: 04 May, 2026 05:18 PM
हरियाणा की राजनीति में सादगी, पारदर्शिता और जनसेवा का पर्याय बन चुके मनोहर लाल खट्टर का जीवन संघर्ष, अनुशासन और समर्पण की
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा की राजनीति में सादगी, पारदर्शिता और जनसेवा का पर्याय बन चुके मनोहर लाल खट्टर का जीवन संघर्ष, अनुशासन और समर्पण की एक प्रेरक कहानी है। यह शब्द हैं मीडिया कोऑर्डिनेटर मुख्यमंत्री हरियाणा अशोक छाबड़ा के।
अशोक छाबड़ा का कहना है कि एक साधारण परिवार में जन्म लेकर उन्होंने अपने जीवन की शुरुआत बेहद सामान्य परिस्थितियों से की, लेकिन अपने दृढ़ संकल्प और संगठनात्मक क्षमता के बल पर वे देश के प्रमुख नेताओं में शामिल हुए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में वर्षों तक सेवा देते हुए उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों के साथ गहरा जुड़ाव बनाया। यही अनुभव आगे चलकर उनकी राजनीतिक कार्यशैली की नींव बना, जिसमें व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से अधिक समाज और राष्ट्र को प्राथमिकता दी गई।
पारदर्शी और जनोन्मुखी शासन का उदाहरण
हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल प्रशासनिक सुधारों और पारदर्शिता के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। उन्होंने सरकारी व्यवस्था को डिजिटल और जवाबदेह बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। “पर्ची-खर्ची” की राजनीति को समाप्त कर योग्यता आधारित भर्ती प्रणाली लागू करना उनके शासन की बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है। उनके नेतृत्व में “सीएम विंडो” जैसी पहल ने आम जनता को सीधे अपनी शिकायत सरकार तक पहुँचाने का माध्यम दिया। यह कदम प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित हुआ।
सामाजिक और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा व्यक्तित्व
अशोक छाबड़ा का कहना है कि राजनीतिक जीवन से इतर, मनोहर लाल खट्टर का एक बेहद संवेदनशील और मानवीय पक्ष भी है, जिसकी चर्चा अक्सर कम होती है। वे व्यक्तिगत जीवन में सादगी और अनुशासन को सर्वोच्च महत्व देते हैं। अविवाहित रहते हुए उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज और राष्ट्र सेवा को समर्पित किया। उनकी दिनचर्या में योग, ध्यान और आध्यात्मिक चिंतन का विशेष स्थान है। वे कई धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करते हैं, लेकिन इसे कभी सार्वजनिक प्रचार का माध्यम नहीं बनाते। यह उनका आंतरिक संतुलन और मूल्य आधारित जीवन को दर्शाता है।
संगठनात्मक कौशल और नेतृत्व की अनूठी शैली
अशोक छाबड़ा का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी ताकत उनका संगठनात्मक कौशल रहा है। एक कार्यकर्ता के रूप में शुरुआत कर उन्होंने जमीनी स्तर पर काम करते हुए संगठन को मजबूत किया। वे हमेशा टीम वर्क में विश्वास रखते हैं और कार्यकर्ताओं को सम्मान देने की उनकी शैली उन्हें एक लोकप्रिय नेता बनाती है। उनकी कार्यशैली में निर्णय लेने की स्पष्टता, समय की पाबंदी और परिणामोन्मुख दृष्टिकोण साफ झलकता है। यही कारण है कि उन्हें प्रशासनिक और संगठनात्मक दोनों स्तरों पर एक संतुलित नेता के रूप में देखा जाता है।
केंद्र में नई जिम्मेदारी, वही समर्पण
अशोक छाबड़ा का कहना है कि वर्तमान में केंद्रीय मंत्री के रूप में मनोहर लाल खट्टर देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। हरियाणा में अपने अनुभवों को वे राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे नीतियों में व्यावहारिकता और प्रभावशीलता दोनों दिखाई देती है।
निजी जीवन में अत्यंत सादगी और आत्मअनुशासन
अशोक छाबड़ा का कहना है कि वे लंबे समय तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे, जिसका प्रभाव उनके जीवन में आज भी दिखाई देता है। निजी जीवन में सीमित आवश्यकताएँ, नियमित दिनचर्या, और व्यक्तिगत दिखावे से दूरी-ये सब उनके चरित्र का हिस्सा हैं। कई बार वे बिना किसी औपचारिकता के साधारण कार्यकर्ताओं के बीच बैठकर भोजन करते हैं।
व्यक्तिगत प्रचार से दूरी
अशोक छाबड़ा का कहना है कि आम तौर पर नेता अपनी उपलब्धियों को प्रमुखता से प्रस्तुत करते हैं, लेकिन वे अक्सर योजनाओं और कार्यों को व्यक्तिगत उपलब्धि के बजाय टीम और सरकार की सामूहिक सफलता के रूप में प्रस्तुत करते हैं। यह विनम्रता उनके व्यक्तित्व का कम चर्चित लेकिन महत्वपूर्ण पहलू है।
प्रशासनिक निर्णयों में भावनात्मक संतुलन
अशोक छाबड़ा का कहना है कि कठोर प्रशासनिक निर्णय लेने के बावजूद वे व्यक्तिगत स्तर पर संवेदनशील बने रहते हैं। कई उदाहरणों में देखा गया है कि वे आम नागरिकों की समस्याओं को व्यक्तिगत रूप से सुनकर तत्काल समाधान के निर्देश देते हैं, लेकिन इसे सार्वजनिक मंचों पर प्रचारित नहीं किया जाता।
आध्यात्मिक झुकाव लेकिन बिना आडंबर
अशोक छाबड़ा का कहना है कि उनका धार्मिक और आध्यात्मिक पक्ष मजबूत है, परंतु वे इसे सार्वजनिक प्रदर्शन का माध्यम नहीं बनाते। नियमित रूप से ध्यान, योग और सत्संग में रुचि रखते हैं, जिससे उनके निर्णयों में संतुलन और धैर्य झलकता है।
कार्यकर्ताओं के साथ व्यक्तिगत जुड़ाव
अशोक छाबड़ा का कहना है कि राजनीतिक पद पर पहुंचने के बाद भी वे जमीनी कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद बनाए रखते हैं। कई बार वे बिना पूर्व सूचना के छोटे स्तर के कार्यकर्ताओं से मिलते हैं और उनकी समस्याएं समझते हैं-यह पहलू मीडिया में बहुत कम सामने आता है।
संकट के समय शांत और संयमित नेतृत्व
अशोक छाबड़ा का कहना है कि कठिन परिस्थितियों-चाहे प्रशासनिक हों या सामाजिक-में उनका व्यवहार अपेक्षाकृत शांत और संयमित रहता है। वे त्वरित प्रतिक्रिया देने के बजाय स्थिति का विश्लेषण कर निर्णय लेने को प्राथमिकता देते हैं।
निजी जीवन में पारिवारिक सीमाओं से परे सोच
अशोक छाबड़ा का कहना है कि अविवाहित होने के कारण उन्होंने अपने जीवन को व्यापक रूप से समाज के लिए समर्पित किया। यह पहलू उन्हें निर्णय लेने में व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर सोचने की स्वतंत्रता देता है।
सीखने और बदलाव को स्वीकार करने की प्रवृत्ति
अशोक छाबड़ा का कहना है कि वे नई तकनीक, डिजिटल व्यवस्था और आधुनिक प्रशासनिक तरीकों को अपनाने में हमेशा आगे रहे हैं। यह गुण उन्हें पारंपरिक और आधुनिक सोच के बीच संतुलन बनाने वाला नेता बनाता है।
प्रेरणादायक जीवन यात्रा
अशोक छाबड़ा का कहना है कि मनोहर लाल खट्टर का जीवन इस बात का प्रमाण है कि ईमानदारी, सादगी और समर्पण के साथ भी राजनीति में उच्चतम स्थान प्राप्त किया जा सकता है। उनका व्यक्तित्व न केवल एक सफल राजनेता का है, बल्कि एक ऐसे कर्मयोगी का भी है जिसने अपने जीवन को समाज और राष्ट्र के उत्थान के लिए समर्पित किया। उनकी यात्रा आज के युवाओं और समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणा है-कि यदि नीयत साफ हो और लक्ष्य स्पष्ट, तो कोई भी ऊँचाई असंभव नहीं।
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