PGI की अंगदान मुहिम लाई रंग, सेना के अधिकारी की पत्नी ने किया अंगदान, 4 लोगों को मिला नया जीवन

Edited By Manisha rana, Updated: 03 May, 2026 05:13 PM

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देश की रक्षा कर रहे सेना के अधिकारी की 42 वर्षीय पत्नी ने अंगदान कर एक बड़ी मिसाइल कायम की है और चार लोगों को नया जीवन दिया है। यह केवल अंगदान नहीं बल्कि त्याग करते हुए राष्ट्रभक्ति की नई मिसाल है जो आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करेगी।

रोहतक (दीपक भारद्वाज) : देश की रक्षा कर रहे सेना के अधिकारी की 42 वर्षीय पत्नी ने अंगदान कर एक बड़ी मिसाइल कायम की है और चार लोगों को नया जीवन दिया है। यह केवल अंगदान नहीं बल्कि त्याग करते हुए राष्ट्रभक्ति की नई मिसाल है जो आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करेगी। 

हरियाणा के इतिहास में पहली बार सेना के कमांड हॉस्पिटल चंडी मंदिर से हृदय दान हुआ है, सेना ने अंग एयरलिफ्ट कर दिल्ली के आरआर हॉस्पिटल और चंडीगढ़ के पीजीआईएमएस हॉस्पिटल में पहुंचाएं। इस दौरान तीन राज्यों में ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया और सफलतापूर्वक अंगदानों को पहुंचाया गया। अब चार लोग सेना अधिकारी की पत्नी के अंगदान से नए जीवन प्राप्त करेंगे। रोहतक पीजीआई की टीम ने सफलतापूर्वक अंगों को जरूरी लोगों तक पहुंचाया।

पीजीआई के वीसी एचके अग्रवाल ने कहा कि सैनिक जहां बॉर्डर पर देश की रक्षा कर रहा है तो वही सैनिक का परिवार  मरकर भी देश की सेवा कर रहा है। यही एक उदाहरण कर्नल की 42 वर्षीय पत्नी ने अपने अंगदान कर चार लोगों को नया जीवन देकर लोगों के सामने मिशाल पेश की है। रोहतक पीजीआई ने इस मुहिम को युद्धस्तर पर चलाया हुआ है और लोगों को अंगदान के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रहे हैं। एक व्यक्ति आठ लोगों को अंगदान कर सकते हैं और दूसरों के दिलों में धड़क कर दूसरे लोगों की आंखों से देखकर अमर हो सकते हैं। इसलिए पीजीआई ने इस मुहिम को लगातार चलाया है ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा प्रेरित हो सके और अंगदान कर सके। उन्होंने बताया कि पीजीआई की टीम की एक कमेटी ब्रॉड घोषित हुए मरीज को दो बार जांच करती है और परिजनों की सहमति से ही अंगदान के लिए प्रेरित करती है।

वहीं दूसरी ओर ब्रिगेडियर पवन डॉल और करनाल अनुराग गर्ग ने बताया कि करनाल की 42 वर्षीय पत्नी को चंडी मंदिर में एडमिट करवाया गया था, लेकिन वह ब्रांडेड हो गई जिसके बाद परिजनों पर दुखों का पहाड़ जरूर टूटा लेकिन परिजनों ने हिम्मत दिखाते हुए अंगदान करने का फैसला किया और अब चार लोगों को नया जीवन दिया है। 

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