Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 24 Jan, 2026 10:23 PM

साइबर सिटी के सेक्टर-29 स्थित एक निजी कंपनी से करीब दो करोड़ पांच लाख रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया। कारोबारी ने जब आरोपियों से सामान के रुपये मांगे,तो जान से मारने की धमकी देते हुए दस लाख रुपये की अवैध वसूली भी की।
गुड़गांव, (ब्यूरो): साइबर सिटी के सेक्टर-29 स्थित एक निजी कंपनी से करीब दो करोड़ पांच लाख रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया। कारोबारी ने जब आरोपियों से सामान के रुपये मांगे,तो जान से मारने की धमकी देते हुए दस लाख रुपये की अवैध वसूली भी की। जालसाजों ने खुद को राजस्थान की प्रतिष्ठित इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी का मालिक बताकर और राज्य सरकार के फर्जी एक्सीलेंस लेटर दिखाकर इस वारदात को अंजाम दिया। आर्थिक अपराध शाखा की की लंबी जांच के बाद अब सेक्टर-29 थाना पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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पुलिस के मुताबिक, सेक्टर-29 स्थित इकोस डेली वे एलएलपी के पार्टनर ईशान जैन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह दिल्ली के राजघाट के हनुमान मंदिर में जाते थे। इस दौरान अक्टूबर 2023 में हनुमान मंदिर में उनकी मुलाकात दीपक शर्मा नामक व्यक्ति से हुई, जिसने खुद को जोधपुर स्थित वराह इंफ्रा लिमिटेड का प्रतिनिधि बताया। इसके बाद दीपक अपने साथी पारस अशोक मेहता के साथ ईशान के ऑफिस पहुंचा और कंपनी के निदेशकों प्रेम सिंह राव, खुशवंत सिंह राव और जगदेव सिंह राव से मिलवाया। आरोपियों ने राजस्थान सरकार के टेंडर और प्रशंसा पत्र दिखाकर पीड़ित का विश्वास जीत लिया।
आरोपियों के झांसे में आकर पीड़ित ने 29 अक्टूबर 2023 से गुजरात के सुरेंद्रनगर स्थित उनकी साइटों पर तारकोल की सप्लाई शुरू कर दी। आरोपियों ने शुरू में विश्वास जमाने के लिए कुछ भुगतान समय पर किया, लेकिन बाद में भुगतान में कटौती शुरू कर दी। देखते ही देखते आरोपियों पर कुल दो करोड़ चार लाख 94 हजार 87 रुपये की देनदारी बकाया हो गई। जब ईशान ने बकाया राशि के लिए दबाव बनाया, तो आरोपियों ने असली रंग दिखाना शुरू कर दिया।
पीड़ित का आरोप है कि आरोपी पारस और दीपक ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया कि यदि उन्होंने पैसे मांगे तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। आरोपियों ने पीड़ित की पारिवारिक स्थिति का हवाला देते हुए उसे डराया और डर के साये में पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में करीब दस लाख रुपये ट्रांसफर करवा कर अवैध वसूली भी की गई। मानसिक दबाव और डर के कारण पीड़ित ने कुछ समय तक यह बात किसी को नहीं बताई। जांच अधिकारी ने बताया कि जांच के बाद सेक्टर-29 थाने में मामला दर्ज किया गया है। जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।