धूम्रपान सिर्फ फेफड़ों को ही नहीं, बल्कि मुँह, गले और शरीर के कई हिस्सों में कैंसर का बढ़ा देता है खतरा

Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 11 Mar, 2026 06:13 PM

smoking increases the risk of cancer not only in the lungs but also in the mouth

एक मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट होने के नाते मैं रोज़ ऐसे लोगों से मिलता हूँ जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ रहे होते हैं। कई बार उनकी बीमारी की सबसे बड़ी वजह सिर्फ एक आदत होती है — धूम्रपान।

गुड़गांव ब्यूरो : एक मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट होने के नाते मैं रोज़ ऐसे लोगों से मिलता हूँ जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ रहे होते हैं। कई बार उनकी बीमारी की सबसे बड़ी वजह सिर्फ एक आदत होती है — धूम्रपान। यह देखना बहुत कठिन होता है कि एक छोटी सी आदत किस तरह धीरे-धीरे किसी की सेहत और परिवार की खुशियों को प्रभावित कर देती है।

 

धूम्रपान सिर्फ फेफड़ों को ही नहीं, बल्कि मुँह, गले और शरीर के कई हिस्सों में कैंसर का खतरा बढ़ा देता है। सबसे दुखद बात यह है कि इसका असर उन लोगों पर भी पड़ता है जो खुद धूम्रपान नहीं करते, लेकिन धुएँ के बीच रहते हैं। नो स्मोकिंग डे हमें याद दिलाता है कि बदलाव की शुरुआत आज से हो सकती है। अगर आप धूम्रपान करते हैं, तो इसे छोड़ने का फैसला लें। शुरुआत मुश्किल लग सकती है, लेकिन सही सलाह, परिवार का साथ और आपका संकल्प इसे संभव बना सकता है। - डॉ. कुमर्दीप दत्ता चौधरी सीनियर डायरेक्टर, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, Max Super Speciality Hospital Shalimar Bagh

 

 

एक रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट के रूप में मेरा काम कैंसर मरीजों का उपचार करना है, और रेडिएशन थेरेपी आज कई प्रकार के कैंसर के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आधुनिक तकनीक की मदद से हम ट्यूमर को सटीक रूप से निशाना बनाकर कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने की कोशिश करते हैं, जबकि आसपास के स्वस्थ ऊतकों को सुरक्षित रखने पर भी ध्यान दिया जाता है। लेकिन एक सच्चाई यह भी है कि धूम्रपान कई ऐसे कैंसर का बड़ा कारण है जिनके लिए मरीजों को बाद में रेडिएशन थेरेपी की जरूरत पड़ती है, जैसे फेफड़ों, मुँह और गले का कैंसर। उपचार उपलब्ध है, पर सबसे अच्छा कदम हमेशा रोकथाम ही होता है। नो स्मोकिंग डे हमें यह समझने का अवसर देता है कि हम अपने स्वास्थ्य के लिए बेहतर निर्णय ले सकते हैं। धूम्रपान छोड़ना न केवल कैंसर के खतरे को कम करता है, बल्कि उपचार के परिणामों को भी बेहतर बना सकता है। स्वस्थ जीवन के लिए आज ही धूम्रपान से दूरी बनाना एक मजबूत और सकारात्मक कदम है। - डॉ. तेजिंदर कटारिया, चेयरपर्सन, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी एवं कैंसर सेंटर, मेदांता द मेडिसिटी

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