केबल संचालक की हत्या करने वाले 4 दोषियों को उम्रकैद

Edited By Deepak Paul, Updated: 06 Dec, 2018 10:12 AM

life imprisonment for 4 convicts killed in cable operator

गांव गढ़ी केसरी में केबल संचालक की हत्या के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा.सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने सुनवाई करते हुए 4 आरोपियों को दोषी करार दिया है

सोनीपत: गांव गढ़ी केसरी में केबल संचालक की हत्या के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा.सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने सुनवाई करते हुए 4 आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषियों को उम्रकैद व सभी पर 1 लाख 10 हजार रुपए जुर्माना भी किया है। जुर्माना नहीं देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। केबल संचालक की हत्या के दौरान एक हमलावर की भी मौत हो गई थी। 

गांव गढ़ी केसरी निवासी पवन त्यागी गांव में केबल संचालक का काम करता था। पवन के भतीजे नितिन ने पुलिस को बताया था कि 23 दिसम्बर, 2016 को रात करीब 8 बजे उसका चाचा अपने कार्यालय पर बैठा था। इसी दौरान कार सवार 4 युवक उनके पास आए थे। उनमें से उनका जानकार अगवानपुर निवासी राहुल कार्यालय में आया था। उसके साथ आए 2 युवकों की पहचान उसने मूलरूप से गांव अटायल फिलहाल गन्नौर निवासी गोपाल व जींद के गांव बूढ़ा खेड़ी निवासी प्रदीप के रूप में दी थी। बाद में उसका चाचा बाहर आ गया था। चारों युवक अपनी कार में सवार होकर गांव की तरफ  चल दिए थे। पवन भी अपने भतीजे नितिन के साथ कार में सवार होकर चल दिया था। कुछ दूर चलने पर ही युवकों ने कार को रुकवा लिया था।

इसी बीच राहुल व गोपाल उनकी कार में आकर बैठ गए थे। उन्होंने उसके चाचा को कहा कि उसने अपने भाई रामरूप हत्या मामले में खेड़ी तगा निवासी सोनू, नवीन व सरढ़ाना निवासी शीला के खिलाफ  गवाही देकर उन्हें उम्रकैद करवाई थी। उस समय तीनों की तरफ  से गुमड़ के संदीप ने पवन को समझौता करवाने को कहा था लेकिन उसने समझौता नहीं किया था। उसी को लेकर इस पर चारों हमलावरों ने गोली चला दी थी। उसके चाचा पवन ने भी अपनी लाइसैंसी पिस्तौल से गोली चलाई थी। इस दौरान नितिन मौके से जान बचाकर भाग गया था। बाद में चाचा के साथी महिपाल व नवाब के साथ पहुंचा तो देखा कि प्रदीप गोली लगने से कार के पास पड़ा है। साथ ही उसके चाचा को 4 गोली लगी हैं। वह अपने चाचा को पानीपत ले गए, जहां उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में नितिन के बयान पर 4 नामजद सहित 8 के खिलाफ  व षड्यंत्र का मामला दर्ज कर लिया था। 

पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी गांव अगवानपुर निवासी राहुल, अटायल निवासी गोपाल, जींद के गांव किला जफ्फरगढ़ निवासी अशोक व सचिन तथा गुमड़ निवासी धर्मराज को गिरफ्तार किया था। मामले में ए.एस.जे. डा.सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने धर्मराज को बरी कर दिया। वहीं राहुल, गोपाल, सचिन व अशोक को उम्रकैद की सजा सुनाई हैं। चारों दोषियों को प्रत्येक पर 1 लाख 10 हजार रुपए जुर्माना भी किया है। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। 

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