5 रेलवे फाटकों के जाम से त्रस्त है हरियाणा का ये जिला, 10 साल बाद भी अधूरी एलिवेटिड रेलवे ट्रैक परियोजना

Edited By Manisha rana, Updated: 05 Apr, 2026 04:42 PM

kurukshetra is plagued by traffic jams at 5 railway crossings

धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए शुरू की गई एलिवेटिड रेलवे ट्रैक परियोजना करीब 10 वर्षों बाद भी अधूरी है। वर्ष 2016 में इस परियोजना की घोषणा की गई थी, जबकि पिछले लगभग 7 वर्षों से इसका निर्माण कार्य चल रहा...

कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा) : धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए शुरू की गई एलिवेटिड रेलवे ट्रैक परियोजना करीब 10 वर्षों बाद भी अधूरी है। वर्ष 2016 में इस परियोजना की घोषणा की गई थी, जबकि पिछले लगभग 7 वर्षों से इसका निर्माण कार्य चल रहा है। इसके बावजूद अब तक यह महत्वाकांक्षी परियोजना पूरी नहीं हो पाई है, जिससे स्थानीय नागरिकों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से शहर आने वाले ग्रामीणों को रोजाना ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

शहर के पांच रेलवे फाटकों पर दिनभर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। फाटक बंद होने के दौरान कई-कई मिनट तक वाहन चालकों को इंतजार करना पड़ता है, जिससे लोगों का समय और ईंधन दोनों बर्बाद हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इसी तरह से निर्माण कार्य धीमी गति से चलता रहा तो इस परियोजना को पूरा होने में अभी और समय लग सकता है।

गौरतलब है कि इस परियोजना को नवंबर 2025 तक पूरा करने का दावा किया गया था, लेकिन वर्ष 2025 बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य जारी है। ऐसे में शहरवासियों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के ग्रामीणों में भी इस परियोजना को लेकर बेचैनी बढ़ती जा रही है और लोग जल्द से जल्द इसके पूरा होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

कुरुक्षेत्र के पूर्व विधायक एवं पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा द्वारा जून 2025 में कहा गया था कि कुरुक्षेत्र में निर्माणाधीन एलिवेटिड रेलवे ट्रैक परियोजना का कार्य तेजी से चल रहा है और इसे नवंबर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा था कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से लगभग 350 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उस समय यह संभावना भी जताई गई थी कि परियोजना के पूरा होने के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इसका उद्घाटन कर सकते हैं।

पूर्व विधायक सुभाष सुधा ने इस परियोजना को अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताते हुए कहा था कि शहर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम और रेलवे फाटकों की समस्या को देखते हुए एलिवेटिड रेलवे ट्रैक की योजना तैयार की गई थी। पहले शहर में थर्ड गेट और झांसा रोड पर रेलवे ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव था, लेकिन बाद में स्थायी समाधान के रूप में एलिवेटिड रेलवे ट्रैक का प्रस्ताव तैयार किया गया, ताकि शहर के पांच रेलवे फाटकों से लोगों को स्थायी राहत मिल सके।

बताया गया था कि इस परियोजना का प्रस्ताव तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के समक्ष रखा गया था, जिन्होंने इस योजना को मंजूरी दी और छोटे रेलवे स्टेशन पर इसका शिलान्यास किया गया। हालांकि तकनीकी कारणों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के चलते यह परियोजना तय समय सीमा में पूरी नहीं हो सकी। बाद में इसमें पुराने रेलवे स्टेशन को आधुनिक और भव्य स्वरूप देने की योजना भी जोड़ दी गई, जिससे निर्माण कार्य और लंबा खिंच गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना के लिए लगभग 350 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

परियोजना पूरी होने के बाद शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ग्रामीणों को भी रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद जताई गई थी। वर्तमान में शहर के पांच रेलवे फाटक बार बार बंद होने के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे आमजन को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। एलिवेटिड रेलवे ट्रैक बनने के बाद न केवल ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होना तय है, बल्कि शहर के विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही एलिवेटिड ट्रैक के नीचे खाली पड़ी जमीन का उपयोग करते हुए सौंदर्यकरण, पार्किंग और अन्य सुविधाएं विकसित करने की योजना भी तैयार की गई थी।

विधायक अशोक अरोड़ा ने जताई चिंता

कुरुक्षेत्र के विधायक एवं हरियाणा सरकार में रहे पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने कहा कि एलिवेटिड रेलवे ट्रैक का कार्य धीमी गति से चल रहा है, जिसके कारण जनता को हर रोज जाम की परेशानी से रूबरू होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनहित में कार्य करना सरकार की अच्छी पहल है, लेकिन अनियंत्रित व्यवस्था में सुधार करना भी सरकार की जिम्मेदारी है, जो कहीं न कहीं ढीली नजर आ रही है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जन समस्या को समझते हुए इस परियोजना को जल्द से जल्द जनता को समर्पित करेगी, ताकि लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से मुक्ति मिल सके।

2019 में हुआ था शिलान्यास

हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की ओर से प्रदेश और केंद्र सरकार की संयुक्त परियोजना का शिलान्यास मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 22 अगस्त 2019 को किया था। उस समय परियोजना की अनुमानित लागत 245.99 करोड़ रुपये तय की गई थी, जिसमें प्रदेश सरकार की ओर से 136.45 करोड़ और केंद्रीय रेलवे विभाग की ओर से 109.54 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान रखा गया था।

5 रेलवे फाटकों से मिलेगी राहत

परियोजना पूरी होने के बाद शहर के पांच रेलवे फाटकों से लोगों को निजात मिलने की उम्मीद है। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से शहर आने वाले ग्रामीणों का समय और ईंधन दोनों बचेंगे। इससे पहले वर्ष 2016 में लोक निर्माण विभाग की ओर से झांसा रोड और पिहोवा रोड पर रेलवे ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन बाद में इस प्रस्ताव को रद्द कर एलिवेटिड रेलवे ट्रैक बनाने का निर्णय लिया गया। इस ड्रीम प्रोजेक्ट के संदर्भ में पूर्व विधायक कुरुक्षेत्र सुभाष सुधा से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया। उन्हें एसएमएस के माध्यम से भी संदेश भेजा गया लेकिन उनकी तरफ से कोई प्रतिउत्तर प्राप्त नहीं हुआ। 

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