नशे के विरुद्ध लड़ाई में IT का हो रहा भरपूर इस्तेमाल: सीएम मनोहर लाल

Edited By Isha, Updated: 30 Jul, 2022 06:08 PM

it is being used extensively in the fight against drugs cm manohar lal

मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि ऐसी प्रतिबंधित दवाओं, जिनका इस्तेमाल नशे के रूप में किया जाना सम्भव है, उन्हें ट्रैक करने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा उन पर यूनिक सीरियल नंबर डलवाया जाना अनिवार्य किया जाना चाहिए।

चंडीगढ़(चंद्रशेखर धरणी): मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि नशे की लड़ाई में आई.टी. का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। 'प्रयास' नाम के मोबाइल एप के जरिए हम नशे के आदी लोगों के बारे में आंकड़े जुटा रहे हैं और उनकी नशा मुक्ति के लिए कारगर कदम उठा रहे हैं। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर जिला कुरूक्षेत्र, अम्बाला, यमुनानगर, पंचकूला, जींद, हिसार, फतेहाबाद एवं सिरसा में स्टेट एक्शन प्लान को लागू किया जा चुका है, जिसके अन्तर्गत प्रयास ऐप में सम्बन्धित डाटा अपलोड करने के लिए कार्य किया जा रहा है। 'साथी' नाम के मोबाइल एप के जरिए हम दवा की बिक्री पर नजर रख रहे हैं जिससे कि सिंथेटिक ड्रग्स पर अंकुश लगे। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर जिला सोनीपत में स्टेट एक्शन प्लान के अन्तर्गत प्रतिबंधित दवाओं की निगरानी के लिए साथी ऐप में सम्बन्धित डाटा अपलोड करने के लिए कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि ऐसी प्रतिबंधित दवाओं, जिनका इस्तेमाल नशे के रूप में किया जाना सम्भव है, उन्हें ट्रैक करने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा उन पर यूनिक सीरियल नंबर डलवाया जाना अनिवार्य किया जाना चाहिए। अपराध, अपराधियों, पीड़ितों आदि से संबंधित सभी गतिविधियों का केंद्रीकृत राज्य डेटाबेस बनाने के लिए एक सॉफ्टवेयर HAWK विकसित किया है। इससे नशे के कारोबारियों पर नकेल कसने में मदद मिली है।

 

बच्चों और युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए कई कार्यक्रमों की हुई शुरुआत

 

बच्चों और युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए एक कार्यक्रम 'धाकड़' स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के स्तर पर शुरू किया है। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो द्वारा तैयार किए गए स्टेट एक्शन प्लान के तहत प्रस्तावित धाकड़ प्रोग्राम के माध्यम से हरियाणा राज्य के सभी शिक्षण संस्थानों के छात्रों को नशे के कुप्रभावों से अवगत कराना व उसके विरूद्ध जागरूक करना है। स्टेट एक्शन प्लान के तहत ग्राम व वार्ड स्तर से लेकर राज्य स्तर तक मिशन टीमों का गठन किया जाएगा। इनमें सरपंच, ग्राम सचिव, पटवारी, सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी, स्कूल के प्राचार्य, बीट प्रभारी, नंबरदार, महिला सदस्य आदि को शामिल किया जाएगा। इस प्रकार आम जनता की भागीदारी से इसे जन आंदोलन के रूप में लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हरियाणा खेलों में अग्रणी है, हम खेलों को बढ़ावा देने में लगे हैं जिससे कि युवा रेक्रीएशन के लिए खेलों के मैदान का रुख करें ना कि ड्रग्स की अंधेरी दुनियाँ का। आने वाले दिनों में हम इस दिशा में और भी मजबूती से आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि यदि हम मिलकर कदम बढ़ाएंगे तो उत्तरी राज्यों को नशा मुक्त बनाने में सफल रहेंगे। उम्मीद है यह सम्मेलन उत्तरी राज्यों में नशे के अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए रणनीति बनाने में कारगर रहेगा। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृहमंत्री से आग्रह किया कि ठोस रणनीति के साथ नशा तस्करों के खिलाफ मजबूत कार्रवाई करने की आवश्यकता है।

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