Edited By Isha, Updated: 02 Oct, 2026 08:38 PM

हिसार के रहने वाले बॉक्सिंग प्लेयर अंकुश पंघाल ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीत लिया है। अंकुश के गोल्ड जीतने पर गांव और घर पर खुशी का माहौल है। परिवार वालों ने उनका यह मैच अपने घर पर लाइव देखा और जश्न मनाया। अभी हिसार से गोल्ड लाने वाले...
हिसार(विनोद): हिसार के रहने वाले बॉक्सिंग प्लेयर अंकुश पंघाल ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीत लिया है। अंकुश के गोल्ड जीतने पर गांव और घर पर खुशी का माहौल है। परिवार वालों ने उनका यह मैच अपने घर पर लाइव देखा और जश्न मनाया। अभी हिसार से गोल्ड लाने वाले बॉक्सिंग में इस भार वर्ग में पहले खिलाड़ी हैं। 22 वर्षीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल हिसार जिले के गांव भेरिया के रहने वाले हैं। इससे पहले अंकुश ने कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। उनके गांव में जश्न मनाया था। अब उनके गांव में तैयारियां शुरू हो गई है और उनके देश लौटने पर खुशी में जुलूस निकाला जाएगा।
80 किलोग्राम भार वर्ग बॉक्सिंग प्रतियोगिता में अंकुश पंघाल का मुकाबला दक्षिण कोरिया के किम मिनसोंग (Kim Min-seong) के साथ था, जिसे अंकुश ने 4-0 से हरा दिया। अंकुश और किम मिनसोंग का यह मैच तीन-तीन मिनट के गेप के अंतराल में 9 मिनट का रहा। हर तीन मिनट बाद ब्रेक मिला और कुल तीन राउंड हुए। इनमें अंकुश ने प्रतिद्वंद्धि किम को अंकुश ने स्कोर के लिए मौका तक नहीं दिया। लगातार स्कोर से बढ़त बनाए रखी, जिससे जीत दिलाने में अहम योगदान रहा।
अंकुश ने मैच में शुरू से ही दक्षिण कोरिया के मुक्केबाज के खिलाफ मजबूत डिफेंस और सटीक काउंटर पंच किए, जिनकी बदौलत स्कोर बढ़ता गया और दक्षिण कोरिया का मुक्केबाज दबाव में आ गया। तीनों राउंड में अंकुश ने मजबूत बढ़त बनाए रखी। यह मैच इन दोनों के बीच आज शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुआ और रोमांचक मुकाबला था। यह मैच जापान के आइची प्रांत में स्थित निशियो जिम्रेजियम में खेला गया और इस 20वें एशियन गेम्स 2026 पूरे खेल की मेजबानी एशियाई ओलंपिक परिषद और आईची-नागोया एशियाई खेल आयोजन समिति करवा रही है।
अंकुश ने वर्ष 2017 में महज 11 साल की उम्र में बॉक्सिंग शुरू की थी। छह भाई-बहनों के परिवार में पले-बढ़े अंकुश का खेलों की ओर रुझान अपनी बहन और भाई को देखकर बढ़ा। कोच प्रवीण सावंत की सलाह पर पिता सुरेश पंघाल ने बेटे के सपने को पूरा करने के लिए रोज गांव से करीब 15 किलोमीटर दूर प्रशिक्षण केंद्र तक ले जाना और वापस लाना अपनी दिनचर्या बना लिया।