हरियाणा में अब बढ़ेगी किसानों की आय...बागवानी और प्राकृतिक खेती पर सरकार का बड़ा दांव; जानें पूरा एक्शन प्लान

Edited By Harman, Updated: 08 Jul, 2026 02:33 PM

haryana government s big plan on horticulture and natural farming

हरियाणा सरकार कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। परंपरागत धान-गेहूं आधारित खेती से किसानों को बाहर निकालकर बागवानी, प्राकृतिक खेती और मूल्य संवर्धन आधारित कृषि की ओर बढ़ाने के लिए कई नई योजनाएं लागू की जाएंगी।

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा सरकार कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। परंपरागत धान-गेहूं आधारित खेती से किसानों को बाहर निकालकर बागवानी, प्राकृतिक खेती और मूल्य संवर्धन आधारित कृषि की ओर बढ़ाने के लिए कई नई योजनाएं लागू की जाएंगी। सरकार किन्नू, लीची, स्ट्रॉबेरी और अमरूद के चार नए एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करेगी। साथ ही प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए अलग बजट, भूमि लीज, गाय खरीद पर सब्सिडी और उपज की बेहतर कीमत जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

चार नए एक्सीलेंस सेंटर स्थापित होंगे

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग और विपणन तक पूरी कृषि व्यवस्था को मजबूत कर रही है। उन्होंने बताया कि सिरसा का किन्नू जीआई टैग मिलने के बाद अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान बना चुका है। इसी तर्ज पर बागवानी क्षेत्र को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए चार नए एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जहां किसानों को उन्नत पौधे, नई तकनीक और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा।

वैकल्पिक फसलों पर ₹8,000 और पराली प्रबंधन पर अलग से ₹500 मिलेंगे

धान की जगह वैकल्पिक फसलें अपनाने वाले किसानों को सरकार 8 हजार रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि देगी। वहीं, पराली प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए 500 रुपये प्रति एकड़ की सहायता दी जाएगी, जिससे किसानों की लागत कम होगी और पराली बेचकर अतिरिक्त आय भी अर्जित की जा सकेगी।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार से अलग बजट उपलब्ध कराया गया है। प्रदेश में करीब दो हजार एकड़ भूमि को प्राकृतिक खेती के दायरे में लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना के तहत किसानों को पंचायती एवं कृषि भूमि 10 वर्ष की लीज पर उपलब्ध कराई जाएगी। एक एकड़ प्राकृतिक खेती के लिए गाय खरीदने पर 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी भी दी जाएगी। सरकार ने मोरनी ब्लॉक के किसानों के साथ ऐसा मॉडल तैयार किया है, जिसमें निजी कंपनियां उनकी प्राकृतिक उपज सीधे खरीदेंगी। किसानों को बाजार मूल्य से 10 प्रतिशत अधिक कीमत मिलेगी। वहीं, प्रदेश में प्रोसेसिंग गतिविधियों को भी गति दी जा रही है और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को कोल्ड चेन विकसित करने के लिए 80 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है।

गन्नौर की अंतरराष्ट्रीय मंडी में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि गन्नौर में निर्माणाधीन एशिया की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय फल एवं सब्जी मंडी जल्द शुरू होगी। यहां किसानों के लिए आधुनिक एसी शेड, कोल्ड स्टोरेज और अत्याधुनिक विपणन सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उनका कहना है कि सरकार का उद्देश्य कृषि को तकनीक, बेहतर बाजार, प्रोसेसिंग और उचित मूल्य से जोड़कर किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित करना है।


 

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