हरियाणा की गौशालाएं होंगी हाई-टेक: CM नायब सैनी का बड़ा फैसला, 10.25 करोड़ से खरीदी जाएंगी 820 ई-रिक्शा

Edited By Isha, Updated: 21 Jul, 2026 10:52 AM

haryana cow shelters to go high tech

हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश की गौशालाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में राज्य की गौशालाओं में पशुधन की बेहतर देखरेख और चारे-पानी की व्यवस्था को

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश की गौशालाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में राज्य की गौशालाओं में पशुधन की बेहतर देखरेख और चारे-पानी की व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए 820 ई-रिक्शा उपलब्ध करवाई जाएंगी।सोमवार को चंडीगढ़ में आयोजित हाई पावर्ड परचेज कमेटी (HPPC) की बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 10.25 करोड़ रुपये की लागत से ई-रिक्शा खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना अनुसार 1000 तक पशु रखने वाली गौशालाओं को एक तथा इससे अधिक गायों को रखने वाली गौशालाओं को 2 ई-रिक्शा उपलब्ध करवाई जाएंगी। बैठक में 10.25 करोड़ रुपए की लागत से ई-रिक्शा खरीद को अनुमति प्रदान की गई। प्रदेश की कुल 770 गौशालाओं में से 553 गौशालाओं में 1000 से कम पशु, 79 गौशालाओं में 2000 तक, 20 गौशालाओं में 3000 तक, 8 गौशालाओं में 4000 तथा एक गौशाला में 5000 व एक गौशाला में 6000 तक पशुधन है।


12.87 करोड़ की लागत से सीवरेज लाइन डालने के कार्य को मंजूरी

मुख्यमंत्री ने कैथल शहर की विभिन्न कॉलोलियों में 12.87 करोड़ रुपए की लागत से सीवरेज लाइन डालने के कार्य को मंजूरी प्रदान को। इसके अलावा खेदड में वाटर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को अप वोड करने एवं आरसीसी टैंक का निर्माण करने की भी मंजूरी दी गई इस कार्य पर लगभग 2770 करोड़ रुपए की लागत आएगी। फरीदाचाद मैट्रोपोलियन विकास प्राधिकरण में 10 एमएलडी क्षमता के 5 रेखीवेल ट्यूौल लगाए जाने को स्वीकृति प्रदान की। गांव मंझावली, मोटूका के आसपास यमुना नदी के जलभरच वाले क्षेत्रों में लगभग 164 75 करोड़ रुपए की लागत से लगाए जाने वाले रेखीवेल ट्यूबवैल से पेयजल हेतु टेस्टिंग की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम मैट्रोपोलियन विकास प्राधिकरण के गांध बराई में 100 एमएलडी क्षमता का दूसरा जल घर बनाने के कार्य को जी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके निर्माण पर लगभग 149 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इस प्रकार 380 40 करोड़ रुपए के विभिन्न कार्यों को 36382 करोड़ रुपए में टेंडर छोड़कर लगभग 16.58 करोड़ रुपार की बचत की गई।

 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!