Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 10 Sep, 2026 06:23 PM

लोन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का गुड़गांव पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक सोसाइटी के फ्लैट में रेड कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गुड़गांव,(ब्यूरो): लोन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का गुड़गांव पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक सोसाइटी के फ्लैट में रेड कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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पुलिस के मुताबिक, साइबर थाना साउथ प्रभारी इंस्पेक्टर दिनेश कुमार के नेतृत्व में 9 सितंबर को पिरामिंड अर्बन होम्स सेक्टर-70ए में रेड की गई। यहां लोगों को लोन के नाम पर गुमराह करके ठगी करने वाले लोगों को काबू किया गया। आरोपियों की पहचान शिबांग प्रसाद निवासी बुरोमल, जिला झारसुगुड़ा, ओडिशा, हाल निवासी पिरामिड अर्बन होम्स, सेक्टर-70A, गुरुग्राम, नीरज कुमार साह निवासी कोइलवर, जिला भोजपुर, बिहार हाल निवासी पिरामिड अर्बन होम्स, सैक्टर-70A, गुरुग्राम तथा प्रशांत कुमार सिंह निवासी 18 उत्तर पट्टी, कोबिल, जिला नालंदा, बिहार, हाल निवासी पिरामिड अर्बन होम्स, सैक्टर-70A, गुरुग्राम के रूप में हुई। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 मोबाइल, 1 लैपटॉप, 5 पासबुक, 7 चेकबुक व 13 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं।
पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि उपरोक्त आरोपी फेसबुक व इंस्टाग्राम पर लोन के फर्जी विज्ञापन चलाते है। लोन लेने के इच्छुक लोग जब लाखों रुपए का लोन लेने के लिए इनसे संपर्क करते हैं तब ये उन लोगों से आवश्यक दस्तावेज लेकर राम फिनकॉर्प फाइनेंस ऐप के माध्यम से 20 हजार से 30 हजार रुपए का लोन करवा देते हैं। जब लोन लेने वाला व्यक्ति इनको ज्यादा राशि के लोन के लिए कहता है तब ये आरोपी ज्यादा राशि का लोन दिलाने का भरोसा दिलाकर कम राशि का कराया हुआ लोन क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइटों में ट्रांसफर करवा लेते थे। उसके बाद उन वेबसाइट पर बनी हुई इनकी आईडी के माध्यम से अपने बैंक खाते में रुपए ट्रांसफर कर लेते थे। जब लोन लेने वाले व्यक्ति बार-बार इनको कॉल करता तो ये उन लोगों को कहते कि जो कम राशि का लोन इन्होंने करवाया था उसकी पेमेंट करने की जरूरत नहीं है, लेकिन उसके बाद लोन लेने वाले व्यक्ति के पास पेमेंट के लिए लोन देने वाली कंपनी द्वारा कॉल की जाती तो उन लोगों को ठगी का एहसास होता था। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।