लोन देने के नाम पर लोगों को ठगने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 11 युवतियों सहित 13 गिरफ्तार

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 10 Dec, 2025 07:32 PM

gurgaon police brusted a fake call center racket

साइबर थाना साउथ पुलिस ने लोन देने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। टीम ने 11 युवतियों सहित 13 लोगों को गिरफ्तार किया है।

गुड़गांव, (ब्यूरो): साइबर थाना साउथ पुलिस ने लोन देने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। टीम ने 11 युवतियों सहित 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 13 मोबाइल बरामद किए हैं। मामले में आरोपी युवतियों को जेल भेजने के साथ ही अन्य दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है।

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पुलिस के मुताबिक, कल उन्हें सूचना मिली थी कि आईटी स्पेस पार्क सेक्टर-48 के टावर बी-3 में उमंग फाइनेंस के नाम से एक कॉल सेंटर चलाया जा रहा है जिसके जरिए लोगों से ठगी की जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर रेड की। पुलिस टीम को वहां 13 लोग (11 महिलाएं व 2 पुरुष) कॉल के माध्यम से लोगों को लोन देने का झांसा देकर ठगी करते हुए मिले, जिन्हें मौके से ही काबू कर लिया गया। आरोपियों की पहचान शिवांशी (20) गुरुग्राम, हर्षिता (20) गुरुग्राम, मिताली (19) गुरुग्राम, वंशिका (22) फरीदाबाद, शिक्षा सिंह (19) बहराइच (उ.प्र.), श्रेया (21) गुरुग्राम, अंजलि (19) कानपुर (उ.प्र.), प्रियंका (18) गुरुग्राम, प्रीति (23) रायबरेली (उ.प्र.), आकांक्षा कानपुर (उ.प्र.), सलोनी (18) बिजनौर (उ.प्र.),  हिमांशु पाल (22) कन्नौज (उ.प्र.) व प्रिंस कुमार (31) मेरठ (उ.प्र.) के रूप में हुई।

 

आरोपियों से प्रारंभिक पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि यह कॉल सेंटर को मेरठ निवासी सोहेल नामक व्यक्ति संचालित करता है। कॉल सेंटर/ऑफिस को 45,000 रुपये मासिक किराए पर लिया हुआ है। इन सभी कर्मचारियों को 15,000–20,000 रुपये मासिक वेतन मिलता। ये शुरुआत में उमंग फाइनेंस में सेल्स एग्जीक्यूटिव की जॉब के नाम पर भर्ती निकालते है, फिर भर्ती हुए सेल्स एग्जीक्यूटिव को फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर उसका KYC करते है और उन्हीं सेल्स एग्जीक्यूटिव के माध्यम से कॉल करके लोगों को लोन देने का झांसा दिया जाता था। लोन प्रक्रिया के नाम पर पहले 4,700 रुपए और फिर फाइल चार्ज के नाम पर 18,000–21,000 रुपए वसूल कर लेते है। अधिक लक्ष्य पूरा करने वाले कर्मचारियों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त कमीशन/बोनस भी मिलता है।

 

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