Edited By Isha, Updated: 08 Jul, 2026 08:34 AM

सरकार ने दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। कृषि व किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक (डीजी एग्रीकल्चर) को राज्य का स्टेट मिशन डायरेक्टर (पल्सेज मिशन) नियुक्त किया है।
चंडीगढ़: सरकार ने दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। कृषि व किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक (डीजी एग्रीकल्चर) को राज्य का स्टेट मिशन डायरेक्टर (पल्सेज मिशन) नियुक्त किया है।
मिशन डायरेक्टर दालों की खेती का रकबा बढ़ाने, किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने, पांच वर्षीय कार्ययोजना तैयार करने तथा केंद्र से मिलने वाले अनुदान के प्रभावी उपयोग की जिम्मेदारी संभालेंगे। सरकार ने यह निर्णय आत्मनिर्भर भारत मिशन फॉर पल्सेज के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लिया है। नई व्यवस्था के तहत राज्य मिशन निदेशक हर वर्ष दालों के उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के लिए राज्य कार्ययोजना तैयार करेंगे। यह योजना केंद्र सरकार के निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप होगी और इसके क्रियान्वयन की नियमित निगरानी भी की जाएगी।
राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार राज्य की जलवायु के अनुरूप उपयुक्त बीज किस्मों की पहचान, समय पर बीजों की खरीद एवं वितरण तथा बीज उत्पादन बढ़ाने के लिए अनुसंधान संस्थानों, सीड हब और प्रमाणित बीज उत्पादकों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। बीज उत्पादन और वितरण का पूरा रिकॉर्ड साथी पोर्टल पर दर्ज करना भी अनिवार्य होगा।
इसके अलावा पांच वर्षीय सीड रोलिंग प्लान तैयार कर समय-समय पर अद्यतन किया जाएगा, ताकि किसानों को भविष्य में बीजों की कमी का सामना न करना पड़े। मिशन निदेशक किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और हर वर्ष कम से कम एक राज्य स्तरीय दाल सम्मेलन आयोजित कराएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से नई तकनीक, उन्नत किस्मों और आधुनिक खेती के तरीकों की जानकारी किसानों तक पहुंचाई जाएगी। इसके साथ ही भारत सरकार और संबंधित समितियों की ओर से समय-समय पर सौंपे जाने वाले अन्य दायित्वों का निर्वहन भी राज्य मिशन निदेशक करेंगे।