Haryana बनेगा आपदा प्रबंधन में आत्मनिर्भर, पहली बार गठित होगा HDRF...हादसों में तुरंत पहुंचेगी राहत टीम

Edited By Krishan Rana, Updated: 07 Jul, 2026 09:03 PM

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हरियाणा सरकार ने ऊंची इमारतों में आग, औद्योगिक दुर्घटनाओं, बाढ़, भूकंप और अन्य बड़ी आपदाओं से निपटने के लिए बड़ा

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): ऊंची इमारतों में आग, औद्योगिक दुर्घटनाओं, बाढ़, भूकंप और अन्य बड़ी आपदाओं से निपटने के लिए हरियाणा सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में पहली बार हरियाणा आपदा प्रतिक्रिया बल (एचडीआरएफ) का गठन किया जाएगा।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की तर्ज पर तैयार होने वाला यह विशेष बल जींद जिले के उचाना से पूरे राज्य में राहत एवं बचाव अभियानों का संचालन करेगा। सरकार का उद्देश्य आपदा की स्थिति में बाहरी एजेंसियों पर निर्भरता समाप्त कर शुरुआती "गोल्डन आवर" में ही प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बदलते शहरी और औद्योगिक परिदृश्य को देखते हुए राज्य के आपदा प्रबंधन तंत्र का व्यापक आधुनिकीकरण किया जा रहा है। अब तक किसी बड़े हादसे की स्थिति में हरियाणा को एनडीआरएफ की टीमों का इंतजार करना पड़ता था, जिससे राहत कार्यों में देरी होती थी। एचडीआरएफ के गठन के बाद प्रदेश के पास अपनी प्रशिक्षित, अत्याधुनिक उपकरणों से लैस और हर समय तैयार रहने वाली विशेष रेस्क्यू फोर्स होगी।

सरकार ने एचडीआरएफ का मुख्यालय जींद के उचाना में स्थापित करने का निर्णय लिया है। लगभग 20 एकड़ भूमि पर बनने वाले इस परिसर से 1,149 जवानों की पूरी बटालियन संचालित होगी। हरियाणा के मध्य में स्थित होने के कारण यहां से राज्य के अधिकांश जिलों तक कम समय में पहुंचा जा सकेगा। आग, भवन गिरने, सड़क दुर्घटना, रासायनिक रिसाव, औद्योगिक विस्फोट या प्राकृतिक आपदा जैसी किसी भी आपात स्थिति में विशेष टीमें तत्काल रवाना की जा सकेंगी।

 बदलते हरियाणा के साथ बढ़ीं नई चुनौतियां
पिछले एक दशक में हरियाणा का जोखिम स्वरूप तेजी से बदला है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और पंचकूला में बहुमंजिला इमारतों और बड़े व्यावसायिक परिसरों की संख्या बढ़ी है, जबकि पानीपत, फरीदाबाद, बहादुरगढ़ और गुरुग्राम के औद्योगिक क्षेत्रों में रसायन आधारित उद्योगों के विस्तार से औद्योगिक दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ी है।

वहीं पुराने शहरों की संकरी गलियां आज भी अग्निशमन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। हाल के वर्षों में हाईराइज सोसायटियों, फैक्ट्रियों और गोदामों में लगी आग की घटनाओं ने आधुनिक आपदा प्रबंधन व्यवस्था की आवश्यकता को और स्पष्ट किया है।

आधुनिक फायर टेंडर और एक किलोमीटर लंबे पाइप मिलेंगे
मुख्यमंत्री ने बताया कि अग्निशमन विभाग को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस आधुनिक फायर टेंडर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड को लगभग एक किलोमीटर लंबे पाइप दिए जाएंगे, ताकि ऐसे इलाकों में भी आग पर काबू पाया जा सके जहां बड़े वाहन नहीं पहुंच सकते।

उनका कहना है कि एचडीआरएफ के गठन से हरियाणा न केवल आपदा के समय त्वरित राहत देने में सक्षम होगा, बल्कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर राज्य के रूप में भी उभरेगा। आधुनिक प्रशिक्षण, उन्नत उपकरणों और तेज तैनाती क्षमता के कारण यह बल जनहानि कम करने और राहत अभियानों को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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