विदेश में MBBS के लिए भारतीय छात्रों की पहली पसंद बना उज्बेकिस्तान, 16 हजार से अधिक विद्यार्थी ले रहे शिक्षा

Edited By Isha, Updated: 08 Jul, 2026 11:09 AM

uzbekistan has become the top choice for indian students pursuing mbbs abroad

विदेश में एमबीबीएस की पढ़ाई का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए उज्बेकिस्तान तेजी से एक भरोसेमंद और लोकप्रिय विकल्प बनकर उभर रहा है। वर्तमान में लगभग 16 हजार भारतीय छात्र वहां के विभिन्न स

चंडीगढ़(चन्द्र शेखर धरणी): विदेश में एमबीबीएस की पढ़ाई का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए उज्बेकिस्तान तेजी से एक भरोसेमंद और लोकप्रिय विकल्प बनकर उभर रहा है। वर्तमान में लगभग 16 हजार भारतीय छात्र वहां के विभिन्न सरकारी चिकित्सा विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत हैं। चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता, बेहतर व्यावहारिक प्रशिक्षण, नियामकीय अनुपालन और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए किए गए सुधारों ने भारतीय छात्रों और उनके अभिभावकों का विश्वास और मजबूत किया है।

ताशकंद स्थित भारतीय दूतावास उज्बेकिस्तान सरकार तथा वहां के प्रमुख सरकारी चिकित्सा विश्वविद्यालयों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है, ताकि राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के विदेशी चिकित्सा स्नातक लाइसेंस विनियम-2021 के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।दूतावास ने स्पष्ट किया है कि एक अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग द्वारा जारी परामर्श किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के हित में जारी एक सलाह है। इसमें छात्रों से केवल उन्हीं चिकित्सा संस्थानों में प्रवेश लेने का आग्रह किया गया है, जो विदेशी चिकित्सा स्नातक लाइसेंस विनियम के सभी मानकों का पालन करते हों।

उज्बेकिस्तान सरकार और वहां के विश्वविद्यालय अंग्रेजी माध्यम में शिक्षण, उच्च गुणवत्ता वाले व्यावहारिक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और चिकित्सा शिक्षा के अन्य मानकों को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में भारतीय छात्र अंदीजान राज्य चिकित्सा संस्थान, बुखारा राज्य चिकित्सा संस्थान, समरकंद राज्य चिकित्सा विश्वविद्यालय, ताशकंद राज्य चिकित्सा विश्वविद्यालय (टर्मेज शाखाओं सहित), ताशकंद औषधि विज्ञान संस्थान, उरगेन्च राज्य चिकित्सा संस्थान, फरगाना जनस्वास्थ्य चिकित्सा संस्थान तथा कराकल्पाकस्तान चिकित्सा संस्थान सहित कई प्रमुख सरकारी संस्थानों में अध्ययन कर रहे हैं।

शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच लगातार मजबूत हो रहे शैक्षणिक संबंध, चिकित्सा शिक्षा में हो रहे सुधार और भारतीय छात्रों के लिए बढ़ता संस्थागत सहयोग आने वाले वर्षों में भी उज्बेकिस्तान को विदेश में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए एक महत्वपूर्ण और विश्वसनीय गंतव्य बनाए रखेगा। वर्ष 2026 के प्रवेश सत्र में इन सकारात्मक पहलों से हजारों भारतीय छात्रों और उनके अभिभावकों को अधिक विश्वास के साथ निर्णय लेने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा में उज्बेकिस्तान का बेहतर प्रदर्शन
दिसंबर 2025 में आयोजित विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा के परिणामों के अनुसार उज्बेकिस्तान में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों का लगभग 42 प्रतिशत सफलता प्रतिशत दर्ज किया गया, जो प्रमुख विदेशी चिकित्सा शिक्षा केंद्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले देशों में शामिल है। भारतीय दूतावास ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी विदेशी चिकित्सा विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने से पहले उसकी विदेशी चिकित्सा स्नातक लाइसेंस विनियम के अनुरूप मान्यता की आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें तथा केवल विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।

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