21 घंटे की जंग के बाद बाहर निकाला गया 4 साल का निरवैर, अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत

Edited By Isha, Updated: 01 Jul, 2026 08:34 AM

4 year old nirvair was pulled out after a 21 hour battle

अंबाला के गांव धनोरा में बोरवेल में गिरे 4 साल के मासूम निरवैर को बचाने की 21 घंटे लंबी जंग आखिरकार बेहद दुखद मोड़ पर खत्म हुई। प्रशासन, एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय लोगों के अथक प्रयासों के बा

अंबाला(अमन): अंबाला के गांव धनोरा में बोरवेल में गिरे 4 साल के मासूम निरवैर को बचाने की 21 घंटे लंबी जंग आखिरकार बेहद दुखद मोड़ पर खत्म हुई। प्रशासन, एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय लोगों के अथक प्रयासों के बाद रात करीब 3:30 बजे निरवैर को बोरवेल से बाहर तो निकाल लिया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उसे तुरंत अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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रात 3:30 बजे पंजाब की टीम ने निकाला बाहर

गांव धनोरा में पिछले 21 घंटों से सांसे थाम देने वाला रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा था। जिला प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमों ने मासूम को बचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। बोरवेल में पानी का रिसाव होने के कारण रेस्क्यू में काफी दिक्कतें आ रही थीं। आखिरकार पंजाब से एक विशेष टीम को बुलाया गया, जिसने सूझबूझ से काम करते हुए रात के सन्नाटे में करीब 3:30 बजे निरवैर को बोरवेल की गहराइयों से बाहर निकाला।

बता दें कि निरवैर सिंह अपने चाचा हरनेक सिंह के खेत में खेल रहा था, तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और वह खुले पड़े ट्यूबवेल के गहरे बोरवेल में जा गिरा। बोरवेल में गिरे मासूम निरवैर को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन और रेस्क्यू टीमें दिन-रात एक किए हुए हैं। बच्चे को बचाने के लिए पुरजोर कोशिशें की जा रही है।

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अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने तोड़ी उम्मीद

निरवैर को बाहर निकालते ही वहां मौजूद एम्बुलेंस और मेडिकल टीम उसे लेकर तुरंत अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल भागी। अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ऋषिपाल ने बच्चे की जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर के मिलते ही परिजनों और पूरे गांव में मातम पसर गया। फिलहाल बच्चे के शव को अंबाला छावनी (Ambala Cantt) के नागरिक अस्पताल के शव गृह (Mortuary) में रखा गया है, जहां सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

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"लापरवाही के खिलाफ करेंगे कानूनी कार्रवाई" — भावुक हुए चाचा
इस मुश्किल घड़ी में पूरा इलाका निरवैर के परिवार के साथ खड़ा नजर आया। निरवैर के चाचा हरिंदर सिंह ने नम आंखों से बताया कि खबर सुनते ही हर छोटा-बड़ा इंसान उनके गांव पहुंचा और बच्चे को बचाने की दुआ करने लगा। उन्होंने जिला प्रशासन, एनडीआरएफ और आसपास के ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया।

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"बच्चे को जब अस्पताल लाया गया, तब उसकी सांसें थम चुकी थीं। जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया है। पोस्टमार्टम के बाद स्थिति और साफ होगी।"
— डॉ. ऋषिपाल, ड्यूटी डॉक्टर

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