अब कोर्ट नहीं जाएंगे सरकारी अधिकारी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी गवाही; हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला

Edited By Harman, Updated: 30 Jun, 2026 06:54 PM

government officials will no longer go to court testimony via conferencing

हरियाणा सरकार ने डिजिटल सुधारों के संबंध में एक अहम फैसला लेते हुए तय किया है कि वरिष्ठ अधिकारी अब अदालतों में चल रहे केसों के लिए गवाही देने के लिए नहीं जाएंगे। अधिकारी अब वीडियो कांफ्रैसिंग के माध्यम से अपने बयान दर्ज करवाएंगे।

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा सरकार ने डिजिटल सुधारों के संबंध में एक अहम फैसला लेते हुए तय किया है कि वरिष्ठ अधिकारी अब अदालतों में चल रहे केसों के लिए गवाही देने के लिए नहीं जाएंगे। अधिकारी अब वीडियो कांफ्रैसिंग के माध्यम से अपने बयान दर्ज करवाएंगे। यह फैसला नए सुरक्षा कानूनों के लिए लागू होने के आधार पर लिया गया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 530 के तहत 100 प्रतिशत गवाही अब वीडियो कांफ्रैसिंग से ली जाएगी।

राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से इसे लागू करेगी। फिलहाल करनाल जिले को पायलट जिला बनाया गया है। करनाल जिले में न्याय श्रुति नामक वीडियो कांफ्रैंसिंग प्लेटफार्म विकसित किया जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद संबंधित अधिकारी केवल ईमेल भेजकर जिला अदालत में वीडियो कांफ्रैंसिंग से गवाही दे सकेंगे।इसका एक प्रारूप तैयार करके हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जरनल को भी भेजा गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अदालतों में सुनवाई की रफ्तार बढ़ेगी सरकारी अधिकारियों का समय बचेगा और विभागीय कामकाज प्रभावित नहीं होगा। प्रदेश में फिलहाल 70 प्रतिशत ई-सम्मन इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जारी हो रहे हैं जिन्हें जल्द 100 प्रतिशत डिजिटल किया जाएगा।

ई-साक्ष्य प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए साक्ष्यों की डिजिटल रिकॉर्डिंग टाइम स्टैम्पिंग और सुरक्षित स्टोरेज सुनिश्चित किया जाएगा। पूरी न्यायिक व्यवस्था को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए हरियाणा सरकार तेजी से काम कर रही है। करनाल जिले में पायलट प्रोजेक्ट सफल होने के बाद इसे प्रदेश के सभी जिलों में लागू किया जाएगा।


 

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