हरियाणा में 6% बिजली की भारी किल्लत, मानसून की देरी से टूटा बिजली का रिकॉर्ड... 14,429 MW पहुंची डिमांड

Edited By Isha, Updated: 18 Jul, 2026 09:59 AM

haryana faces a severe 6 power shortage

हरियाणा में इस बार मानसून की बेरुखी और भीषण उमस ने आम जनजीवन के साथ-साथ बिजली व्यवस्था की भी कमर तोड़ दी है। राज्य में बिजली की मांग (Power Demand) ने अपने पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर

डेस्क:  हरियाणा में इस बार मानसून की बेरुखी और भीषण उमस ने आम जनजीवन के साथ-साथ बिजली व्यवस्था की भी कमर तोड़ दी है। राज्य में बिजली की मांग (Power Demand) ने अपने पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। बढ़ती गर्मी के कारण प्रदेश में बिजली की कुल डिमांड 14,429 मेगावाट (MW) के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है। मांग में अचानक आई इस भारी तेजी की वजह से राज्य को इस समय 6 प्रतिशत बिजली की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।

क्यों गहराया बिजली संकट?
 मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून की रफ्तार धीमी होने के कारण राज्य में सूखी गर्मी और उमस बढ़ गई है। खेतों में धान की रोपाई के कारण ट्यूबवेलों का लोड और घरों में एसी-कूलर का लगातार चलना इस भारी डिमांड की मुख्य वजह है। अचानक मांग 14,429 मेगावाट पार होने से बिजली कंपनियों (DISCOMs) के सामने सप्लाई चेन को बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। उत्पादन और मांग के बीच 6% का अंतर आने से ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में अघोषित कट लगने शुरू हो गए हैं।

साइबर सिटी गुरुग्राम और फरीदाबाद में सबसे ज्यादा लोड
बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पूरे राज्य में सबसे ज्यादा बिजली की खपत दिल्ली से सटे इलाकों (NCR) में हो रही है। अकेले गुरुग्राम और फरीदाबाद मिलकर प्रदेश की कुल बिजली मांग का एक बड़ा हिस्सा (लगभग एक-तिहाई) कंज्यूम कर रहे हैं। हाई-राइज़ सोसायटियों और औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार चल रहे सेंट्रलाइज्ड एसी के कारण ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोड की स्थिति बनी हुई है।

राहत कब? मौसम विभाग ने कहा- 2 दिन और तपेगा हरियाणा
भीषण उमस और बिजली कटौती से परेशान हरियाणा वासियों को राहत के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा। मौसम विभाग का पूर्वानुमान: राज्य में मानसून की सक्रियता में अभी थोड़ा वक्त लगेगा। अच्छी बारिश के लिए लोगों को कम से कम 2 दिन का और इंतजार करना पड़ेगा। इसके बाद ही तापमान में गिरावट आने और बिजली की मांग घटने की उम्मीद है। तब तक बिजली निगम ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे पीक आवर्स (विशेषकर रात 10 बजे से सुबह 4 बजे के बीच) में बिजली का संयमित उपयोग करें ताकि ग्रिड पर अतिरिक्त लोड न पड़े।

 
 

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