Edited By Isha, Updated: 03 Jul, 2026 06:49 PM

हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि 6 जुलाई को प्रातः 9 बजे अंबाला छावनी स्थित सुभाष पार्क के सामने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
चंडीगढ़ ( चन्द्र शेखर धरणी ): हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि 6 जुलाई को प्रातः 9 बजे अंबाला छावनी स्थित सुभाष पार्क के सामने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा मुख्य वक्ता होंगे। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता सहित प्रदेश के अनेक वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी भाग लेंगे।
अनिल विज बीपीएस प्लेनेटेरियम, अंबाला छावनी में कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर आयोजित भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है और सभी को अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचना चाहिए।
अंबाला छावनी का डॉ. मुखर्जी से है ऐतिहासिक संबंध
अनिल विज ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारतीय जनसंघ के संस्थापक थे, जिसके वैचारिक आधार पर आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ। उन्होंने बताया कि दिल्ली से कश्मीर यात्रा के दौरान हरियाणा में डॉ. मुखर्जी केवल अंबाला छावनी में रुके थे और यहां एक जनसभा को भी संबोधित किया था। इसी ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए केंद्र सरकार ने अंबाला छावनी को इस अभियान का प्रमुख केंद्र बनाने का निर्णय लिया है।
कार्यकर्ताओं को दी कार्यक्रम की जिम्मेदारियां
बैठक के दौरान अनिल विज ने कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर कार्यकर्ताओं से चर्चा की और आयोजन को भव्य एवं अनुशासित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में पहुंचेंगे।
डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों को किया याद
अनिल विज ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्वतंत्र भारत की पहली सरकार में उद्योग मंत्री रहे, लेकिन कांग्रेस की नीतियों से असहमति के चलते उन्होंने अलग होकर भारतीय जनसंघ की स्थापना की। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रवादी विचारधारा के समर्थक थे और भारत की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के पक्षधर थे।
अनुच्छेद 370 के विरोध का किया उल्लेख
अनिल विज ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर में लागू अनुच्छेद 370 का खुलकर विरोध किया था। उन्होंने "एक देश में दो प्रधान, दो विधान और दो निशान नहीं चलेंगे" का नारा देकर राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। विज ने कहा कि उस समय कश्मीर जाने के लिए परमिट लेना अनिवार्य था, लेकिन डॉ. मुखर्जी ने इसे स्वीकार नहीं किया और बिना परमिट कश्मीर जाने का निर्णय लिया।
कश्मीर यात्रा के दौरान अंबाला में किया था प्रवास
अनिल विज ने बताया कि कश्मीर की यात्रा के दौरान डॉ. मुखर्जी अंबाला छावनी में रुके थे, जहां उन्होंने अनाज मंडी में एक जनसभा को संबोधित किया और कुछ कार्यकर्ताओं के घर भी गए। इसके बाद वे पंजाब के रास्ते कश्मीर पहुंचे, जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में रहस्यमय परिस्थितियों में उनका निधन हो गया।
भव्य आयोजन का दावा
पत्रकारों से बातचीत में अनिल विज ने कहा कि 6 जुलाई का कार्यक्रम पूरे उत्साह और जोश के साथ आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अंबाला छावनी का डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन से ऐतिहासिक जुड़ाव रहा है, इसलिए इस बार उनकी जयंती विशेष रूप से यहीं बड़े स्तर पर मनाई जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आमजन इस कार्यक्रम में शामिल होकर डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।