पॉश एरिया का नामी स्कूल, फीस सुनकर आप दबा लेंगे दांताें तले उंगलियां

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 12 Nov, 2025 01:12 PM

famous school who get fees as student pocket money

कहते हैं कि अगर एक छात्र को बेहतर शिक्षा मिल जाए तो वह पूरे समाज की तस्वीर बदल सकता है,लेकिन आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों के लिए यह केवल एक सपना ही है। इस सपने को साकार करने के लिए एक संस्था आगे आई है जिसने बच्चे की हर महीने की पॉकेट मनी के महज 5...

गुड़गांव, (ब्यूरो): कहते हैं कि अगर एक छात्र को बेहतर शिक्षा मिल जाए तो वह पूरे समाज की तस्वीर बदल सकता है,लेकिन आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों के लिए यह केवल एक सपना ही है। इस सपने को साकार करने के लिए एक संस्था आगे आई है जिसने बच्चे की हर महीने की पॉकेट मनी के महज 5 प्रतिशत हिस्से से ही ऐसे छात्रों को शिक्षा देनी शुरू की है। आपको अगर इस संस्था द्वारा ली जा रही फीस के बारे में बताएंगे तो हो सकता है कि आपको झटका लगे और आप इस बात पर यकीन भी न कर पाएं, लेकिन पॉश एरिया के एक नामी स्कूल में ऐसे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को बेहतर शिक्षा देने का कार्य किया जा रहा है।

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स्कूल में टीचरों द्वारा दी जा रही शिक्षा ऐसी है कि पेरेंट्स भी दांतों तले उंगलियां दबा जाएं। इस स्कूल से पढ़ाई करने के बाद छात्र फौजी, चार्टेड अकाउंटेंट तक बन चुके हैं। हम बात कर रहे हैं शिक्षा केंद्र द्वारा संचालित स्कूल की जिसमें तीन हजार से भी ज्यादा छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। छात्रों के बीच यह स्कूल ट्यूशन वाले स्कूल के नाम से पॉपुलर हो रहा है। स्कूल निदेशक अदिति मिश्रा की मानें तो साल 2003 में शिक्षा केंद्र की शुरुआत की गई। इसके अंतर्गत जहां एक स्कूल गुड़गांव में है तो दो स्कूल जयपुर में हैं। जब इस केंद्र की शुरूआत की गई तो पहले उन्होंने छात्रों से फीस न लेने का निर्णय लिया था, लेकिन इस निर्णय को इसलिए बदला कि इससे अभिभावकों के आत्मसम्मान को भी ठेस पहुंच सकती है। ऐसे में फीस के नाम पर महज 50 रुपए मासिक निर्धारित किए गए ताकि पेरेंट्स को भी लगे कि वह अपने छात्रों को स्कूल में भेजने के लिए फीस दे रहे हैं।

 

केंद्र की तरफ से छात्रों को किताबें, स्टेशनरी, वर्दी सहित मिड डे मील भी इसी फीस के अंतर्गत ही उपलब्ध कराया जा रहा है। स्कूल दोपहर की शिफ्ट में लगाया जाता है और सुबह की शिफ्ट में गुड़गांव के नामी स्कूल दिल्ली पब्लिक स्कूल सेक्टर-45 की टीचर ही इन छात्रों को शिक्षा प्रदान करती हैं। इस केंद्र के छात्रों ने पढ़ाई में अपना उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने के बाद न केवल फौज में जगह बनाई है बल्कि चार्टेड अकाउंटेंट जैसे एग्जाम को भी पहले ही अटेम्पट में क्लीयर किया है। निदेशक की मानें तो केंद्र से पासआउट हुए छात्रों द्वारा स्कूल में छात्रों का कॉलेज एजुकेशन खर्च उठाया जा रहा है। वहीं, डीपीएस स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों की मदद से इन छात्रों के लिए रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस कार्य को लेकर स्थानीय पार्षद प्रथम वशिष्ट ने भी शिक्षा केंद्र के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में जहां शिक्षा एक व्यवसाय बन गया है उसे आज भी शिक्षा केंद्र ने सेवा के रूप में अपनाया हुआ है। उन्हें गर्व है कि यह शिक्षा केंद्र उनके वार्ड में है। 

 

फिलहाल छात्रों की लगन और स्कूल को लेकर दिखाई दे रही रुचि और पेरेंट्स के चेहरे पर दिखाई दे रही खुशी से साफ है कि छात्रों को इस शिक्षा केंद्र में बेहतर शिक्षा प्रदान की जा रही है। अगर सभी स्कूलों की तरफ से इस तरह का केंद्र बनाया जाए तो निश्चित ही शिक्षा के क्षेत्र में गुड़गांव भी विश्व में अपनी अलग पहचान बना सकता है और हर वर्ग के बच्चों को शिक्षित कर समाज को नई दिशा प्रदान कर सकता है।

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