Edited By Isha, Updated: 15 May, 2026 07:49 PM

कुरुक्षेत्र पुलिस ने इन्वेस्टमेंट के नाम पर लाखों रुपये की साइबर ठगी के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक चन्द्र मोहन के दिशा-निर्देश में कार्रवाई करते हुए
कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा): कुरुक्षेत्र पुलिस ने इन्वेस्टमेंट के नाम पर लाखों रुपये की साइबर ठगी के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक चन्द्र मोहन के दिशा-निर्देश में कार्रवाई करते हुए थाना साइबर क्राइम कुरुक्षेत्र की टीम ने आरोपी वरुण गुलेरिया निवासी अमृतसर, पंजाब को गिरफ्तार किया है।
पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि 8 जनवरी 2026 को प्रोफेसर कॉलोनी पिहोवा निवासी कृष्ण लाल ने थाना साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह रिटायर्ड बैंक कर्मचारी है। नवंबर 2025 में उसने गूगल पर शेयर मार्केट से संबंधित जानकारी सर्च की थी, जिसके बाद उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। वहां उसे शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर एक एप्लीकेशन डाउनलोड करवाई गई और मोबाइल पर वॉलेट/अकाउंट खुलवाया गया।
शिकायतकर्ता को एप के माध्यम से निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। शुरुआत में निवेश की गई राशि पर मुनाफा दिखाया गया, जिससे विश्वास में आकर उसने अलग-अलग तारीखों में करीब 29 लाख 50 हजार रुपये निवेश कर दिए। बाद में जब उसने रकम निकालने का प्रयास किया तो पैसे नहीं निकले। तब उसे अपने साथ साइबर ठगी होने का पता चला।
मामले में थाना साइबर क्राइम ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। इससे पहले 11 मई 2026 को पुलिस ने मामले के आरोपी चरणजीत सिंह निवासी चक कंदेशाह जिला फिरोजपुर, हाल निवासी मोहाली पंजाब को गिरफ्तार किया था। उससे एक लैपटॉप, 6 एटीएम कार्ड, 4 बैंक पासबुक, 3 पैन कार्ड, 3 आधार कार्ड, 2 सिम कार्ड, 2 मोबाइल फोन, एक क्रेडिट कार्ड तथा 49 हजार रुपये नकद बरामद किए गए थे।
इसी कड़ी में 14 मई 2026 को थाना साइबर क्राइम प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक संजीव कुमार, मुख्य सिपाही अमित कुमार और सिपाही प्रीतम की टीम ने आरोपी वरुण गुलेरिया को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने 5 हजार रुपये लेकर अपना बैंक खाता और एटीएम मुख्य आरोपी को उपलब्ध कराया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक कार और 5 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।