गौशाला में काल का ग्रास बनी दर्जनों गायें, भूख और प्यास मरने को मजबूर

Edited By Shivam, Updated: 17 Aug, 2019 10:51 PM

cow dying in gaushala

जिस देश में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है, उसी देश और प्रदेश में लोगों की अनदेखी के चलते गौशालाओं में गायें लगातार दम तोड़ रही हैं। भूख और प्यास के कारण पानीपत की गौशाला में 60 से ज्यादा गायों की हो मौत चुकी है। वहीं इन गायों को मौत के बाद भी...

पानीपत(अनिल कुमार): जिस देश में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है, उसी देश और प्रदेश में लोगों की अनदेखी के चलते गौशालाओं में गायें लगातार दम तोड़ रही हैं। भूख और प्यास के कारण पानीपत की गौशाला में 60 से ज्यादा गायों की हो मौत चुकी है। वहीं इन गायों को मौत के बाद भी इनकी रूह को सुकून नहीं मिल रहा क्योंकि आवारा कुत्ते दफनाई गई गायों की लाशों को बाहर निकालकर नोंच-नोंच कर खा रहे हैं। ये आवारा कुत्ते इतने खूंखार हो गए हैं कि वे जिंदा बछड़ों को भी अपना शिकार बनाने से नहीं चूकते।

समाज की अनदेखी के चलते गौमाता कहलाने वाली गाय लगातार काल की भेंट चढऩे को मजबूर है। पानीपत के गांव नारायण में 13 एकड़ में गायों के लिए गौशाला का निर्माण तो करवाया गया, लेकिन निर्माण के बाद आज तक चारदीवारी नहीं उठाई जा सकी। गौशाला के संचालकों की ओर से भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिसके चलते गौशाला में चारे-पानी का प्रबन्ध नहीं हो पाया है, जिस कारण गायें भूखी मर रही रही हैं।

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