Edited By Yakeen Kumar, Updated: 21 Jan, 2026 04:03 PM

विभागीय जांच में 63.68 लाख रूपये की अनियमितता पाए जाने के बाद डाक विभाग ने आर्यनगर थाने में डाक सहायक मुकुल गुप्ता के खिलाफ FIR दर्ज कराई है।
रोहतक : रोहतक के मुख्य डाकघर में ग्राहकों और सरकारी धन से जुड़ी बड़ी वित्तीय हेराफेरी का मामला सामने आया है। विभागीय जांच में 63.68 लाख रूपये (63 लाख 68 हजार 791 रुपये) की अनियमितता पाए जाने के बाद डाक विभाग ने आर्यनगर थाने में डाक सहायक मुकुल गुप्ता के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे अदालत में पेश किया जाएगा।
पोस्ट ऑफिस सुपरिटेंडेंट दिनेश कुमार द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, आरोपी डाक सहायक ने निष्क्रिय और अप्रचलित बचत खातों को अवैध रूप से सक्रिय कर, बिना खाताधारकों की जानकारी और तय केवाईसी प्रक्रिया के, बड़े पैमाने पर धन का गबन किया।
जांच में यह भी सामने आया कि इस हेराफेरी को छिपाने के लिए आरोपी ने कोर बैंकिंग सिस्टम (फिनेकल) में अनधिकृत रूप से आईडी ट्रांसफर की और अन्य कर्मचारियों की यूजर आईडी व पासवर्ड का इस्तेमाल किया।
डाक सहायक मुकुल गुप्ता पर आरोप है कि उन्होनें सरकारी और ग्राहकों की राशि निकालकर उसे अन्य डाक कर्मचारियों और साजिश में शामिल लोगों के खातों में ट्रांसफर किया। जिन खातों में राशि भेजी गई, उनमें पोस्टल असिस्टेंट गौरव, कपिल शर्मा, आनंद सिंह, मनीष, शर्मिला, राम सिंह, हरिओम, मनीषा और संदीप शामिल बताए गए हैं। विभागीय जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि पूरी प्रक्रिया जानबूझकर सिस्टम के नियंत्रणों को दरकिनार कर की गई।
डाक विभाग की आंतरिक जांच में अनियमित वित्तीय लेनदेन की पुष्टि होने के बाद आपराधिक कार्रवाई की सिफारिश की गई। आर्यनगर थाना प्रभारी बिजेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में धोखाधड़ी और साजिश से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपी से पूछताछ जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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