Edited By Manisha rana, Updated: 09 Mar, 2026 09:00 AM

भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी रेवाड़ी नगर परिषद एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार मामला शहर के कुछ निजी अस्पतालों को एनओसी जारी करने में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है।
रेवाड़ी (महेंद्र भारती) : भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी रेवाड़ी नगर परिषद एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार मामला शहर के कुछ निजी अस्पतालों को एनओसी जारी करने में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है। बीते छह महीनों में जारी की गई एनओसी की रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है।
सूत्रों के अनुसार शहर के कुछ अस्पतालों को नक्शा पास हुए बिना ही एनओसी जारी कर दी गई, जबकि हरियाणा बिल्डिंग कोड के नियमों के अनुसार अस्पतालों के संचालन से पहले भवन का नक्शा पास होना और सभी मानकों का पालन करना अनिवार्य है। इसके बावजूद नियमों की खुलेआम अनदेखी किए जाने के आरोप सामने आए हैं।
जानकारी के मुताबिक कई अस्पतालों में बेसमेंट में भी मरीजों का उपचार किया जा रहा है, जो सुरक्षा मानकों के खिलाफ है। ऐसे हालात में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। इसके अलावा कुछ अस्पतालों पर एक ही भवन के लिए अलग-अलग ओनरशिप के दस्तावेज दिखाकर नक्शा पास कराने का आरोप भी लगाया गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि नगर परिषद के अधिकारियों ने मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करना भी जरूरी नहीं समझा और कागजी कार्रवाई के आधार पर ही एनओसी जारी कर दी।
गौरतलब है कि एनओसी मिलने के बाद ही अस्पताल आयुष्मान भारत जैसी सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं, ऐसे में इस पूरे मामले को गंभीर माना जा रहा है। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला उपायुक्त अभिषेक मीणा ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आ चुका है और डीएमसी द्वारा इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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