Edited By Manisha rana, Updated: 14 Mar, 2026 04:20 PM

राज्यसभा के चुनाव से पहले कांग्रेस द्वारा विधायकों को बाहर लेकर जाना बौखलाहट का परिचय है, साथ ही साबित कर दिया है कि विधायकों पर भरोसा नहीं है। हरियाणा कांग्रेस नेतृत्व पर भरोसा नहीं करना और प्रभारी बीके हरिप्रसाद को साथ में भेजना साबित कर रहा है कि...
चंडीगढ़ (धरणी) : राज्यसभा के चुनाव से पहले कांग्रेस द्वारा विधायकों को बाहर लेकर जाना बौखलाहट का परिचय है, साथ ही साबित कर दिया है कि विधायकों पर भरोसा नहीं है। हरियाणा कांग्रेस नेतृत्व पर भरोसा नहीं करना और प्रभारी बीके हरिप्रसाद को साथ में भेजना साबित कर रहा है कि विधायक अपनी आत्मा की आवाज पर वोट देना चाहते हैं।
चंडीगढ़ में मीडिया के पूछे जाने पर पूर्व वित्तमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता ने जमकर कांग्रेस पर हमला बोला। राज्यसभाा चुनाव में चुने हुए जनप्रतिनिधियों को इस तरह से हांकना उनक अपमान और कांग्रेस के नेताओं का नैतिक पतन है। पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कांग्रेस का जनता की नजरों में भी पतन हो चुका है। यह पार्टी अवसरवादी नेताओं का हब बनकर रह गई है। अपने नेताओं, जनप्रतिनिधियों को भेड़ों की तरह से हांककर ले जाना, बाहर से प्रभारी को बुलाकर उनको वहां भेजना बहुत ही शर्मनााक बात है। हमेशा ही जाति धर्म, क्षेत्रवाद की राजनीति करने वाले कांग्रेस के नेताओं ने अपने हरियाणाा नेतृत्व के साथ साथ पार्टी के विधायकों पर विश्वास नहीं किया, यह बेहद ही चिंताजनक बात है।
इस पूरे माहौल में कांग्रेस की हार और बौखलाहट साफ नजर आ रही है। विधायक अपनी आत्मा की आवाज पर वोट करना चाहते हैं इसलिए कांग्रेस हाईकमान को यह कदम उठाना पड़ा है। पूरे माहौल को देखने के बाद साफ हो चुका है, कि इनकी हार सुनिश्चित है कांग्रेस के सारे नेता डरे हुए हैं।