हरियाणा में जनगणना 2027 का शंखनाद, CM सैनी ने स्वयं ऑनलाइन फॉर्म भरकर किया शुभारंभ

Edited By Isha, Updated: 16 Apr, 2026 06:28 PM

cm saini launches the initiative by personally filling out the online form

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत स्व—गणना प्रक्रिया की शुरुआत करते हुए कहा कि जनगणना एक निश्चित अवधि के बाद होने वाली महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया है, जिसका डाटा पूरी तरह सरल, सुरक्षित और गोपनीय होता है। यह...

चंडीगढ़(धरणी):  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत स्व—गणना प्रक्रिया की शुरुआत करते हुए कहा कि जनगणना एक निश्चित अवधि के बाद होने वाली महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया है, जिसका डाटा पूरी तरह सरल, सुरक्षित और गोपनीय होता है। यह डाटा विभिन्न वर्गों के लिए योजनाएं बनाने तथा भविष्य के विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाता है।

 मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को स्व—गणना करने के उपरांत आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना 2027 का शीर्ष वाक्य “हमारी जनगणना, हमारा विकास” है, जो इस अभियान के महत्व को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को सफल बनाने में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऑनलाइन सेल्फ एन्यूमरेशन (Self Enumeration) फॉर्म भर कर राज्य में जनगणना 2027 की प्रक्रिया का विधिवत शुभारंभ किया। इस पहल के माध्यम से उन्होंने प्रदेशवासियों को जनगणना में सक्रिय भागीदारी करने का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-गणना की प्रक्रिया बेहद सरल और समय की बचत करने वाली प्रणाली है। यह पहल प्रधानमंत्री के ईज ऑफ लिविंग और डिजिटल इंडिया के विजन को और सशक्त बनाती है। उन्होंने कहा कि जनगणना-2027 विकसित हरियाणा–विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम है और यह केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि राज्य के समग्र और न्यायसंगत विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में जनगणना का प्रथम चरण 1 मई से 30 मई, 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें मकानों की गणना एवं सूचीकरण का कार्य पूरा किया जाएगा। इससे पूर्व 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक नागरिकों को डिजिटली स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जो डिजिटल भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सटीक और विश्वसनीय जनगणना आंकड़े ही ऐसी नीतियों और योजनाओं के निर्माण को सुनिश्चित करते हैं, जो समाज के प्रत्येक वर्ग तक प्रभावी रूप से पहुंच सकें। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए मंत्र ‘हमारी जनगणना, हमारा विकास’ को दोहराते हुए कहा कि यह संकल्प हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी से ही साकार होगा। उन्होंने कहा  कि भारत में जनगणना का गौरवशाली इतिहास रहा है, जिसकी व्यवस्थित शुरुआत वर्ष 1872 में हुई थी। स्वतंत्रता के बाद यह देश की 8वीं और हरियाणा के गठन के बाद 6वीं जनगणना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना के सटीक आंकड़े ही राज्य और देश की विकास योजनाओं की नींव होते हैं।


स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण से लेकर गरीब एवं जरूरतमंदों के लिए योजनाओं के निर्माण तक हर नीति की आधारशिला सही जनगणना आंकड़े ही होते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे अपने परिवार की सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि योजनाएं प्रभावी और न्यायसंगत बन सकें।उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है, जिससे यह अधिक पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनेगी। स्व-गणना सुविधा के तहत नागरिक अपने मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर के माध्यम से घर बैठे अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए se.census.gov.in पोर्टल विकसित किया गया है, जहां नागरिक मोबाइल नंबर के माध्यम से ओटीपी आधारित लॉगिन कर अपने राज्य, जिला और स्थानीय विवरण का चयन कर डिजिटल मानचित्र पर अपने घर को चिह्नित करेंगे और परिवार एवं आवास से संबंधित जानकारी दर्ज करेंगे। मुख्यमंत्री ने इस प्रक्रिया को सरल, सुरक्षित और गोपनीय बताया।

 

 मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान एकत्रित की गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय होती है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है। किसी भी व्यक्ति, संस्था या एजेंसी के साथ यह जानकारी साझा नहीं की जाती। नागरिकों की निजता और विश्वास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई नागरिक स्व-गणना सुविधा का उपयोग नहीं कर पाता है, तो चिंता की कोई बात नहीं है।

1 मई से 30 मई के बीच जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। इस दौरान नागरिकों से अनुरोध है कि वे कर्मचारियों को सही और पूर्ण जानकारी प्रदान करें। उन्होंने युवाओं, स्वयं सहायता समूहों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों, पंचायत प्रतिनिधियों, नगर पार्षदों और समाज के जागरूक वर्गों से इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी मिलकर लोगों को जागरूक करें और सुनिश्चित करें कि कोई भी परिवार इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया से वंचित न रहे। उन्होंने जनगणना से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस अभियान की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि जनगणना में हिस्सा लें और इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को मिलकर सफल बनाएं।

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