Edited By Isha, Updated: 15 Apr, 2026 07:37 PM

हरियाणा में पेइंग गैस्ट का व्यवसाय करने पर अब अतिरिक्त जेब ढीली करनी होगी। इस बारे में बिजली वितरण कंपनियों ने जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। नए नियमों के अनुसार जहां परिसर का उपयोग व्यावसायिक
चंडीगढ़: हरियाणा में पेइंग गैस्ट का व्यवसाय करने पर अब अतिरिक्त जेब ढीली करनी होगी। इस बारे में बिजली वितरण कंपनियों ने जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। नए नियमों के अनुसार जहां परिसर का उपयोग व्यावसायिक प्रकृति के पेइंग गैस्ट आवास के रूप में किया जाता है या जिनका संचालन व्यावसायिक उद्देश्य से किया जाता है, वहां बिजली के उपयोग को 'गैर घरेलू आपूर्ति' श्रेणी के अंतर्गत माना जाएगा।
निगमों द्वारा जानकारी दी गई है कि ये नियम उन उपभोक्ताओं पर लागू होंगे जहां कई लोगों को लॉजिंग/हॉस्टल जैसी संगठित सेवाएं प्रदान की जा रही हों। हालांकि निगम की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जहां किसी आवासीय परिसर को रहने के उद्देश्य से किराए पर दिया जाता है, जिसमें बिना किसी संगठित व्यावसायिक गतिविधि के सीमित पेइंग गैस्ट आवास भी शामिल है, वहां इसका उपयोग घरेलू आपूर्ति की श्रेणी में ही बना रहेगा।
दरअसल इससे पहले पेइंग गैस्ट आवासों के टैरिफ से जुड़ी अस्पष्टता का मामला फील्ड कार्यालयों द्वारा बार-बार उठाया जा रहा था। इसके बाद हरियाणा इलैक्ट्रिसिटी रैगुलेट्री कमीशन (एच.ई.आर.सी.) ने नियमों संशोधन करने का फैसला लिया।