शहर में चलेंगी 200 इलेक्ट्रिक बसें, 14 हजार कैमरों से होगी शहर की निगरानी, 2887 करोड़ का बजट मंजूर

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 10 Jul, 2024 04:49 PM

chief minister approves gmda budget of rs 2885 crore

गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की 13वीं बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई । बैठक के दौरान वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 2887.32 करोड़ रुपए के बजट प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान गई।

गुड़गांव, (ब्यूरो): गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की 13वीं बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई । बैठक के दौरान वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 2887.32 करोड़ रुपए के बजट प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान गई।

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जीएमडीए प्राधिकरण ने शहर की निगरानी और बेहतर यातायात प्रबंधन के लिए 422 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से सीसीटीवी परियोजना के चरण-3 के कार्यान्वयन को मंजूरी प्रदान की। इसके तहत विभिन्न स्थानों पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे इनकी संख्या वर्तमान में लगे 4000 सीसीटीवी  से बढ़कर लगभग 14000 हो जाएगी।

 

चंदू बुढेड़ा में 78 करोड़ रुपये की लागत से 100 एमएलडी जल उपचार संयंत्र इकाई संख्या VI के निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई।   इसके अतिरिक्त, प्राधिकरण ने 247 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बसई में 100 एमएलडी जल उपचार संयंत्र इकाई संख्या IV के निर्माण को मंजूरी दी है। धनवापुर में मौजूदा मुख्य पंपिंग स्टेशन को 119 करोड़ रुपये की लागत से 650 एमएलडी क्षमता तक बढ़ाने को भी मंजूरी दी गई है।

 

बैठक में 69.66 करोड़ रुपये की लागत से जीएमडीए क्षेत्र में संचालन के लिए सकल लागत अनुबंध मॉडल के तहत 200 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को भी मंजूरी दी गई। इस पहल का उद्देश्य गुरुग्राम के निवासियों को सुरक्षित, विश्वसनीय, स्वच्छ और किफायती सिटी बस सेवाएं प्रदान करना है। इन इलेक्ट्रिक बसों की शुरूआत शहर के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने और टिकाऊ शहरी परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यात्रियों के लिए आराम और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ये बसें नवीनतम तकनीक से लैस होंगी।

 

राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के साथ सेक्टर 76-80 में मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम प्रदान करने और बिछाने के लिए, जीएमडीए प्राधिकरण ने इस परियोजना के कार्यान्वयन के लिए 215 करोड़ रुपये की राशि को स्वीकृति प्रदान की। इसके अलावा, गुरुग्राम के बहरामपुर में 120 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और धनवापुर में 100 एमएलडी एसटीपी के उन्नयन की परियोजना को क्रमशः 50.58 करोड़ रुपये और 75.46 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से स्वीकृति प्रदान की गई  है। बैठक के दौरान, सेक्टर 107 में दो चरणों में 100 एमएलडी के दो एसटीपी के निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी गई।

 

बैठक के दौरान जिन अन्य विषयों पर चर्चा की गई उनमें मुख्य  रूप से जल निकासी सुधार योजना, कचरा संग्रहण, सिविल अस्पताल का निर्माण, नए बस स्टैंड का निर्माण आदि शामिल रहे।  बैठक में सेक्टर 45-46-51-52 के जंक्शन पर यातायात भीड़ को कम करने के लिए एक फ्लाईओवर के निर्माण को भी मंजूरी प्रदान की  गई, जिसके लिए 52 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।  इसी प्रकार, सेक्टर 85-86-89-90 के चौराहे पर भीड़भाड़ को कम करने और आवागमन को बढ़ाने के लिए 59  करोड़ रूपए की लागत से एक और फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा। 

 

खिलाड़ियों के लिए अत्याधुनिक खेल बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए, जीएमडीए प्राधिकरण ने 634.30 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से गुरुग्राम के ताऊ देवी लाल स्टेडियम के उन्नयन को स्वीकृति प्रदान की। इस व्यापक नवीनीकरण परियोजना का उद्देश्य एथलीटों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को बढ़ाना है, जिसमें नए प्रशिक्षण केंद्रों का निर्माण, अत्याधुनिक खेल सुविधाएं आदि शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने के लिए आधुनिक प्रणालियां और बुनियादी ढांचा प्रदान किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि स्टेडियम विभिन्न प्रकार के खेल आयोजनों और गतिविधियों का समर्थन करने के लिए सुसज्जित है।

 

गुरुग्राम में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या पर चिंता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी इस विषय में कोई भी कोताही न बरतते हुए सभी साधनों का उपयोग कर जल भराव की समस्या को समय रहते ठीक करना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं गुरुग्राम का दौरा करेंगे। इस विषय में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने  इस विषय में संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश भी मुख्य सचिव को दिए।  

 

मुख्यमंत्री ने कूड़ा-कचरा संग्रहण की स्थिति की जानकारी लेते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का ध्येय जनता को सेवाएं प्रदान करना है।   कचरा प्रबंधन के लिए संबंधित अधिकारी को सख्त निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि वे आज से ही जुट जाएं और आने वाले तीन दिनों में सभी साधन जुटा कर गुड़गांव को एक स्वच्छ और सुंदर शहर बनाना सुनिश्चित करें।  

 

बैठक में नगर एवं ग्राम आयोजन मंत्री जे.पी. दलाल, परिवहन राज्य मंत्री असीम गोयल, शहरी स्थानीय निकाय राज्य मंत्री सुभाष सुधा, खेल एवं वन राज्य मंत्री संजय सिंह, मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, शहरी नियोजन सलाहकार डीएस ढेसी, एसीएस नगर एवं ग्राम आयोजन विभाग अरुण कुमार गुप्ता, जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ए श्रीनिवास सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और डीसी निशांत कुमार यादव, जीएमडीए के अन्य गणमान्य सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।

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