Edited By Yakeen Kumar, Updated: 19 Jan, 2026 07:07 PM

हरियाणा में इंसान और पालतू जानवर के बीच गहरे लगाव की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली। यहां एडवोकेट बलबीर पंवार ने अपने पालतू कुत्ते की मृत्यु के बाद उसकी तेरहवीं का आयोजन कर भावुक श्रद्धांजलि दी।
पानीपत (सचिन शर्मा) : पानीपत में इंसान और पालतू जानवर के बीच गहरे लगाव की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली। यहां एडवोकेट बलबीर पंवार ने अपने पालतू कुत्ते की मृत्यु के बाद उसकी तेरहवीं का आयोजन कर भावुक श्रद्धांजलि दी। खास बात यह रही कि उन्होंने अपने कुत्ते को न सिर्फ परिवार का सदस्य माना, बल्कि उसे अपना सरनेम भी दिया हुआ था। परिवार में उसे प्यार से "रॉकी पंवार" कहकर बुलाया जाता था।
पालतू कुत्ता रॉकी करीब 13 वर्षों तक पंवार परिवार के साथ रहा। घर के हर सदस्य के लिए वह सिर्फ एक पालतू जानवर नहीं, बल्कि परिवार का अभिन्न हिस्सा बन चुका था। उसकी मौत के बाद परिवार ने परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ तेरहवीं का कार्यक्रम रखा। इस मौके पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया और रॉकी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
पूरा परिवार भावुक नजर आया
तेरहवीं कार्यक्रम के दौरान माहौल पूरी तरह भावुक नजर आया। परिवार के सदस्यों की आंखों में आंसू थे, मानो किसी अपने को खो दिया हो। आसपास के लोगों के लिए भी यह दृश्य बेहद भावनात्मक रहा।

रॉकी को बचाया नहीं जा सका

एडवोकेट बलबीर पंवार ने बताया कि रॉकी किडनी संबंधी बीमारी से पीड़ित था और लंबे इलाज के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि रॉकी ने परिवार को बेइंतहा प्यार और वफादारी दी, इसलिए उसकी याद में यह आयोजन किया गया। लोगों ने कहा कि यह यह घटना हिंदी फिल्म "तेरी मेहरबानियां" के भावनात्मक रिश्ते की याद दिलाती है।

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