बजट पूर्व परामर्श बैठक सहभागी लोकतंत्र व सांझा उत्तरदायित्व का प्रतीक : सीएम

Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 07 Jan, 2026 07:50 PM

pre budget consultation meeting is a symbol of participatory democracy and shar

मुख्यमंत्री नायब सिंह ने गुरुग्राम के सेक्टर 44 स्थित अपैरल हाउस में बुधवार को दो सत्रों में विभिन्न हितधारकों के साथ बजट पूर्व परामर्श बैठक में सार्थक चर्चा की और पेशेवरों के सुझाव सुने।

गुड़गांव, (ब्यूरो): मुख्यमंत्री नायब सिंह ने गुरुग्राम के सेक्टर 44 स्थित अपैरल हाउस में बुधवार को दो सत्रों में विभिन्न हितधारकों के साथ बजट पूर्व परामर्श बैठक में सार्थक चर्चा की और पेशेवरों के सुझाव सुने। दूसरे सत्र में चार्टर्ड अकाउंटेंट, अधिवक्तागण, आर्किटेक्ट्स, पर्यावरणविदों, डॉक्टर सहित विभिन्न पेशेवर शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुझाव सहभागी लोकतंत्र, सहयोगात्मक शासन और सांझा उत्तरदायित्व का प्रतीक है। इस जन भावना पर ही हरियाणा सरकार नीतियों और निर्णयों की नींव रखती है। हितधारकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवर खुले मन, स्पष्ट सोच और रचनात्मक दृष्टिकोण के साथ एक मंच पर इकट्ठे हुए हैं। समाज के प्रबुद्ध वर्ग से जुड़े होने के कारण नीति-निर्माण, विधिक परामर्श, वित्तीय अनुशासन, नियोजन, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि सुशासन की मजबूत इमारत इन्हीं मजबूत स्तंभों पर खड़ी होती है।

 

बीते वर्ष हितधारकों से मिले सुझावों के महत्व पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जन हित में दिए गए सुझाव बेहद व्यावहारिक रहे। उनमें दूरदर्शिता और भविष्य की जरूरतों की स्पष्ट झलक दिखाई दी। बीते वर्ष कुल 43 में से 15 सुझावों को बजट 2025-26 में शामिल भी किया गया। इन सुझावों के अंतर्गत वन टाइम सेटलमेंट योजना, ई.टी.ओ. द्वारा धारा-61 के तहत सुओ मोटो जांच, जी.एस.टी. अधिनियम 2017 की धारा-66 के अंतर्गत स्पेशल ऑडिट हेतु चार्टर्ड अकाउंटेंट पैनल का गठन, ई.टी.ओ. एवं डी.ई.टी.सी. कार्यालयों में पारदर्शिता हेतु सी.सी.टी.वी की व्यवस्था शामिल है। इनके अलावा, कृषि उपकरणों पर जी.एस.टी. में छूट, जी.एस.टी. रिफंड प्रक्रिया का स्वचालन, ई-वेस्ट प्रबंधन की नई नीति, अरावली जंगल सफारी जैसी पर्यावरणीय पहल, प्राणवायु देवता पेंशन योजना और पर्यावरण प्रशिक्षण केंद्र जैसे दूरगामी महत्व के निर्णय भी शामिल हैं। ये सभी निर्णय सरल कर प्रणाली, पारदर्शी प्रशासन, पर्यावरण संरक्षण और जनहित की दिशा में हमारे ठोस संकल्प का प्रमाण बने।

 

हरियाणा तीन नए आपराधिक कानून लागू करने वाला देश का अग्रणी राज्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे तीन आपराधिक कानूनों को बदला गया है। हरियाणा देश का अग्रणी राज्य है जिसने इतने कम समय में तीनों नये कानूनों को सफलतापूर्वक लागू किया। इसी तर्ज पर राज्य में इन कानूनों को लागू करने में आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए ई-साक्ष्य और ई-समन ऐप लागू किए हैं। जनवरी, 2025 से 31 अगस्त, 2025 तक 96.71 प्रतिशत मामलों में अपराध स्थल की फोरेंसिक जांच की रिकॉर्डिंग ई-साक्ष्य ऐप से की गई है। लगभग 46.52 प्रतिशत पुलिसकर्मी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने तीन नए आपराधिक कानून बनाने के साथ ही वर्तमान में निष्क्रिय हो चुके लगभग 1600 ऐसे कानूनों को समाप्त किया है। इसी तर्ज पर हरियाणा सरकार ने भी व्यापार को सरल बनाने के लिए 48 विभागों के 1100 से अधिक गैर जरूरी नियमों को समाप्त किया है।

 

जनहित में दिए गए सुझावों की मदद से हरियाणा सार्थक दिशा में आगे बढ़ रहा है- सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट 2025-26 में आबकारी एवं कराधान विभाग के लिए 68 हजार 834 करोड़ 91 लाख रुपये का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया था। मुझे यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि 31 दिसंबर, 2025 तक 54 हजार 22 करोड़ 66 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का 78.48 प्रतिशत है। जनहित में दिए गए सुझावों की मदद से ही हरियाणा सरकार के प्रयास सार्थक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस विश्वास के साथ ही एक बार फिर आगामी बजट के लिए विभिन्न हितधारकों के साथ सुझाव बैठक आयोजित की जा रही है। इससे 2026-27 के बजट को और अधिक प्रभावी, समावेशी और विकासोन्मुख बनाने में सहायता मिलेगी।

 

विधानसभा में हितधारकों को न्यौता, सीएम ने कहा बजट सत्र में बने सुझावों के साक्षी

जनहित में दिए गए सुझावों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए बजटीय प्रावधानों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। जितने ठोस, व्यावहारिक और दूरदर्शी सुझाव होंगे, उतने ही मजबूत और प्रभावी प्रावधान हम आगामी बजट में सुनिश्चित कर पाएंगे। प्रत्येक हितधारक का सुझाव हमारे लिए मूल्यवान है। मैं यह स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि यह बजट प्रदेश के हर हितधारक को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा। आप स्वयं इसे विधानसभा सत्र में आकर सुनें। जिन भी हितधारकों के बहुमूल्य सुझाव बजट 2026-27 में सम्मिलित किए जाएंगे, उन्हें मेरी ओर से विधानसभा में बजट भाषण सुनने का विशेष आमंत्रण भेजा जाएगा, ताकि आप स्वयं इस बात के साक्षी बन सकें कि सरकार ने जो कहा, उसे करके दिखाया।  

 

यह रहे मौजूद :

इस अवसर पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी से विधायक बिमला चौधरी, गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली, उद्योग विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन, आबकारी एवं कराधान आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़, एचएसआईआईडीसी के एमडी डॉ आदित्य दहिया, नगर निगम गुरुग्राम आयुक्त प्रदीप दहिया, एचएसवीपी प्रशासक वैशाली सिंह, एडीसी सोनू भट्ट व सीसीआई सुनील शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

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