Edited By Manisha rana, Updated: 18 Jan, 2026 04:15 PM

फरीदाबाद के निजी अस्पताल में 101 वर्ष की महिला की "स्टेजेड बायलेटरल हिप सर्जरी" (कुहले की सर्जरी) कर इतिहास रचने का काम किया है। माना जा रहा है कि इतनी अधेड़ उम्र के मरीज की सर्जरी दुनिया भर में पहला मामला है।
फरीदाबाद (अनिल राठी) : फरीदाबाद के निजी अस्पताल में 101 वर्ष की महिला की "स्टेजेड बायलेटरल हिप सर्जरी" (कुहले की सर्जरी) कर इतिहास रचने का काम किया है। माना जा रहा है कि इतनी अधेड़ उम्र के मरीज की सर्जरी दुनिया भर में पहला मामला है।
ग्रामीण इलाके की रहने वाली 101 वर्षीय अधेड़ उम्र की महिला की गिरने से कुहले की हड्डी टूट गई थी, इसके बाद उक्त महिला को एक निजी अस्पताल में लाया गया। 9 महीने पहले इसी महिला की दूसरे कुहले की हड्डी टूट गई थी, तब भी इसी निजी अस्पताल के सर्जन द्वारा सफल सर्जरी की गई थी और अब एक बार फिर कुहले की हड्डी टूटने पर इस महिला की सफल स्टेजेड बायलेटरल हिप सर्जरी की गई। जिसके चलते अब यह महिला इतनी अधिक उम्र और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद चलने फिरने में सक्षम हो गई।
हालांकि 101 वर्षीय इस महिला को अन्य जटिल बीमारियां थी, लेकिन इन चुनौतियों के बावजूद इस महिला को चलने फिरने लायक बना दिया गया। चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामले बुजुर्गों के इलाज के दृष्टिकोण को बदल सकते हैं और बढ़ती उम्र के आधार पर किसी मरीज को चलने फिरने में मदद करने वाली सर्जरी से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
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