हरियाणा में बनेगा सख्त ट्रैवल एजेंट कानून,  डोंकी रूट पर तीसरी बार वार

Edited By Imran, Updated: 04 Mar, 2026 07:58 PM

strict travel agent law to be enacted in haryana

अवैध रास्तों से युवाओं को विदेश भेजने वाले ट्रैवल एजेंटों पर शिकंजा कसने के लिए हरियाणा सरकार तीसरी बार कानून में संशोधन करने जा रही है। सरकार अब ऐसा प्रावधान जोड़ने की तैयारी में है, जिससे ट्रैवल

डेस्क:  अवैध रास्तों से युवाओं को विदेश भेजने वाले ट्रैवल एजेंटों पर शिकंजा कसने के लिए हरियाणा सरकार तीसरी बार कानून में संशोधन करने जा रही है। सरकार अब ऐसा प्रावधान जोड़ने की तैयारी में है, जिससे ट्रैवल एजेंट न केवल राज्य में बल्कि विदेशों में भी अपना अनौपचारिक नेटवर्क खड़ा न कर सकें। बिना पंजीकरण काम करने वाले एजेंटों के लिए सख्त दंड और जेल का प्रावधान प्रस्तावित है।

हरियाणा विधानसभा पहले ही 2024 और 2025 में ‘हरियाणा ट्रैवल एजेंटों का पंजीकरण और विनियमन’ कानून को संशोधनों सहित पारित कर चुकी है। लेकिन केंद्र सरकार के सुझावों के चलते दोनों बार मसौदा वापस लौट आया। अब 2026 में इसे और मजबूत तथा केंद्रीय कानूनों के अनुरूप बनाकर फिर से सदन में पेश किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं यह संशोधन विधेयक सदन में पेश करेंगे, ताकि सरकार का सख्त संदेश साफ तौर पर सामने आए।


केंद्रीय विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया है कि राज्य के प्रस्तावित कानून के कुछ प्रावधान ‘उत्प्रवासन अधिनियम-1983’ से मेल नहीं खाते। इस केंद्रीय कानून के तहत विदेश रोजगार के लिए जाने वाले भारतीय नागरिकों को ‘प्रोटेक्टर जनरल ऑफ एमिग्रेंट्स’ (पीजीई) के साथ पंजीकरण और अनुमति प्रक्रिया से गुजरना होता है। केंद्र की आशंका है कि अगर राज्य कानून में समन्वय स्पष्ट नहीं हुआ तो कुछ एजेंट इन प्रावधानों का दुरुपयोग कर केंद्रीय नियमों को दरकिनार करने की कोशिश कर सकते हैं। इसी कारण राज्य सरकार को मसौदे में सामंजस्य बैठाने की सलाह दी गई है।

सरकारी सूत्रों का मानना है कि ऐसे कई देश हैं, जहां प्रवास और रोजगार से जुड़े नियम अपेक्षाकृत ढीले हैं या शिकायत निवारण तंत्र मजबूत नहीं है। इन परिस्थितियों का फायदा उठाकर कुछ एजेंट युवाओं को ‘डोंकी रूट’ से भेजते हैं, जिसमें अवैध ट्रांजिट, फर्जी वीजा और भारी वसूली शामिल होती है। नए संशोधन में प्रस्ताव है कि किसी भी एजेंट को विदेश में संपर्क सूत्र, सब-एजेंट या सहयोगी नेटवर्क स्थापित करने से पहले विस्तृत घोषणा और अनुमति लेनी होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर लाइसेंस रद्द करने के साथ आपराधिक कार्रवाई का रास्ता खुला रहेगा।

 

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