Edited By Manisha rana, Updated: 22 Feb, 2026 05:02 PM

हरियाणा में आगामी राज्य सभा चुनाव की सुगबुगाहट के बीच राज्यसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस विधायकों द्वारा की जाने वाली तकनीकी चूक और 'क्रॉस-वोटिंग' का मुद्दा अब गरमाता जा रहा है।
चंडीगढ़ (धरणी) : हरियाणा में आगामी राज्य सभा चुनाव की सुगबुगाहट के बीच राज्यसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस विधायकों द्वारा की जाने वाली तकनीकी चूक और 'क्रॉस-वोटिंग' का मुद्दा अब गरमाता जा रहा है। संयुक्त किसान मजदूर इंकलाब यूनियन के संयोजक और अधिवक्ता धर्म वीर ढींडसा ने इस संबंध में लोकसभा में विपक्ष के नेता श्री राहुल गांधी को एक पत्र लिखकर हरियाणा कांग्रेस विधायकों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की मांग की है।
ढींडसा ने राहुल गाँधी को लिखें अपने पत्र में राज्य के चुनावी इतिहास की दो बड़ी घटनाओं का हवाला देते हुए पार्टी की विधायकों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने 2016 की उस घटना का जिक्र पत्र मे किया ज़ब कांग्रेस के 12 विधायकों के वोट केवल इसलिए अमान्य हो गए थे क्योंकि उन्होंने अनधिकृत स्याही वाले पेन का उपयोग किया था और कांग्रेस विधायकों की इस तकनीकी चूक के कारण कांग्रेस समर्थित स्वतंत्र उम्मीदवार आर.के. आनंद को हार का सामना करना पड़ा।
ढिंडसा ने पत्र मे 2022 मे राज्य सभा सदस्यों के लिए हुए चुनाव की घटना का भी जिक्र किया ज़ब वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय माकन बेहद कम अंतर से चुनाव हार गए। इसका मुख्य कारण एक विधायक द्वारा निर्धारित कॉलम से बाहर वोट मार्क करना और एक अन्य विधायक द्वारा की गई 'क्रॉस-वोटिंग' थी। ढिंडसा ने राहुल गाँधी को लिखें पत्र मे सवाल उठाया की 2016 व 2022 मे हुई इन दोनों घटनाओं पर कांग्रेस पार्टी नेतृत्व को आत्म मंथन की जरूरत की क्या इनका कारण "तकनीकी अज्ञानता थी या जानबूझकर किया गया भीतरघात?" उन्होंने पत्र में कांग्रेस पार्टी के देश की आजादी के लिए किए संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि इतनी पुरानी और अनुभवी पार्टी के विधायकों द्वारा बार-बार ऐसी गलतियाँ करना या तो तकनीकी जानकारी के अभाव को दर्शाता है या फिर पार्टी के हितों को जानबूझकर नुकसान पहुँचाने की साजिश की और इशारा करता है।
ढींडसा का तर्क है कि इन गलतियों से न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटता है, बल्कि जनता की आवाज भी राज्यसभा तक नहीं पहुँच पाती. एडवोकेट ढींडसा ने राहुल गांधी से आग्रह किया है कि हरियाणा के कांग्रेस विधायकों के लिए एक कार्यशाला आयोजित की जाए जिसमें उनको तकनीकी प्रशिक्षण राज्य सभा के लिए वोट डालने की प्रक्रिया और चुनाव आयोग के नियमों की बारीकी से जानकारी दी जाए। इतना ही नहीं उन्होंने हरियाणा मे कांग्रेस विधायकों के लिए नैतिक और आध्यात्मिक ओरिएंटेशन कैंप का भी सुझाव दिया ताकि पार्टी के प्रति वफादारी और नैतिक जिम्मेदारी को मजबूत किया जा सके।
गौरतलब है कि हरियाणा में दो राज्य सभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले, किसान और मजदूर संगठन के नेता के इस पत्र ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी है कि क्या कांग्रेस नेतृत्व अब अपने विधायकों की "क्लास" लगाने के लिए तैयार है। भविष्य मे होने वाले राज्य सभा चुनाव के लिए जो चाहे कांग्रेस की रणनीति हो लेकिन कांग्रेस नेतृव को पत्र मे वर्णित घटनाओं की अनदेखी आगामी चुनाव मे भारी पड़ सकती है क्यूंकि ठोस कदमो के आभाव मे अगर प्रदेश मे राज्य सभा चुनाव के इतिहास को अगर दोहराया गया तो कांग्रेस को एक बार फिर फजीहत का सामना करना पड़ सकता है. ढींडसा ने कहा कि हमे आशा है कि राहुल गांधी और वरिष्ठ कांग्रेस नेतृत्व इस विषय पर गंभीरता से विचार करेगा।