Edited By Isha, Updated: 22 Feb, 2026 06:08 PM

हरियाणा में सार्वजनिक परिवहन और ऊर्जा ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से इलेक्ट्रिक बसों की खरीद और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसा
चंडीगढ़(चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा में सार्वजनिक परिवहन और ऊर्जा ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से इलेक्ट्रिक बसों की खरीद और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इस पहल के तहत इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ चार्जिंग सुविधाओं और बिजली आपूर्ति प्रणाली को भी सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार ने 200 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को स्वीकृति दी है। इन बसों के लिए हिसार और अंबाला में इलेक्ट्रिक बस डिपो विकसित किए जाने की योजना है, जिन पर अनुमानित रूप से 13–13 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही गई है।
इसके अलावा प्रदेश के नौ शहरों में बिजली सब-स्टेशन स्थापित करने को भी मंजूरी मिली है, ताकि बढ़ती ऊर्जा मांग और परिवहन जरूरतों को पूरा किया जा सके। परियोजनाओं के तहत पलवल क्षेत्र में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से दो सब-स्टेशन और एक बस स्टैंड तैयार करने की योजना भी शामिल है। प्रशासन का मानना है कि इन परियोजनाओं से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने और पर्यावरणीय प्रभाव कम करने में मदद मिल सकती है।
स्वच्छ परिवहन और ऊर्जा बुनियादी ढांचे का विस्तार
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने को लेकर देश के विभिन्न राज्यों में प्रयास जारी हैं, और इस पहल को उसी दिशा में एक कदम के रूप में देखा जा रहा है। कुल मिलाकर, राज्य में स्वच्छ परिवहन और ऊर्जा बुनियादी ढांचे के विस्तार की योजनाएं भविष्य की परिवहन जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई प्रतीत होती हैं। आने वाले समय में इन परियोजनाओं के लागू होने के बाद इनके वास्तविक प्रभाव का आकलन अधिक स्पष्ट हो सकेगा।